पश्चिम बंगाल के सभी स्कूलों में अगले सोमवार से सुबह की प्रार्थना सभा में ‘वन्दे मातरम’ गायन अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। शुभेंदु सरकार ने पश्चिम बंगाल में बिना अनुमति के पशु वध करने के खिलाफ सख्ती बरतने की भी बात कही है। शुभेंदु अधिकारी ने नौ मई को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु कैबिनेट ने छह बड़े फैसले लिये थे जिनमें बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग, आयुष्मान भारत योजना लागू करने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने जैसे कदम शामिल थे।
पश्चिम बंगाल सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक निर्देश के अनुसार राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सुबह की सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य होगा। निर्देश में कहा गया है कि स्कूल शुरू होने पर होने वाली सभा में प्रत्येक छात्र को राष्ट्रगीत के गायन में भाग लेना होगा। संस्थानों के प्रमुखों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से कहा, “अगले सोमवार से राज्य के सभी स्कूलों में प्रार्थना गीत के रूप में ‘वंदे मातरम’ की शुरुआत की जाएगी। मैं आज नबान्न (सचिवालय) जाकर उन्हें इस बारे में सूचित करूंगा।”
शिक्षा निदेशक द्वारा 13 मई को सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रमुखों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कक्षाओं की शुरुआत से पहले सुबह की सभा में ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य किया जाना चाहिए, ताकि राज्य के सभी स्कूलों में तत्काल प्रभाव से सभी बच्चे इसे गाएं। यह कदम केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान से संबंधित प्रावधानों को मजबूत करने की पहल के कुछ समय बाद आया है।
केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ में संशोधन का प्रस्ताव रखा है जिससे वंदे मातरम के गायन में बाधा डालना एक दंडनीय अपराध बन जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने संकेत दिया कि राष्ट्रगीत का गायन प्रारंभिक सभा में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूल अधिकारियों को इस कार्यान्वयन के प्रमाण के रूप में वीडियो रिकॉर्डिंग सहित पूरी कार्यवाही का दस्तावेजीकरण करने के लिए भी कहा गया है। इससे पहले, राज्य के स्कूलों में पारंपरिक रूप से केवल रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ ही गाया जाता था। पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में टैगोर द्वारा ही लिखे गए गीत ‘बांग्लार माटी बांग्लार जल’ को हाल के वर्षों में राज्य गीत के रूप में पेश किया था।
बूचड़खानों पर सख्ती, खुले में पशु वध पर रोक
पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने पशु वध को लेकर सख्त नियम लागू करते हुए नया संशोधित नोटिस जारी किया है। सरकार ने 1950 के पश्चिम बंगाल एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी गाय या भैंस का वध बिना आधिकारिक फिटनेस सर्टिफिकेट के नहीं किया जा सकेगा। यह प्रमाण पत्र यह सुनिश्चित करेगा कि संबंधित पशु वध के लिए उपयुक्त है।
सरकार ने अपने नोटिस में यह भी कहा है कि अब सार्वजनिक स्थानों पर खुले में पशु वध पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल नगरपालिका द्वारा अधिकृत या निर्धारित बूचड़खानों में ही पशुओं का वध किया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की जेल, 1000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है। वहीं, यदि किसी व्यक्ति को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने से मना किया जाता है, तो वह 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार के समक्ष अपील कर सकता है।
बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन
शुभेंदु कैबिनेट ने बीएसएफ को बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन देना उनके प्रमुख प्रस्तावों में से एक था। उन्होंने पहले फैसले में बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन मुहैया कराने के लिए हामी दी है। लैंड डिपार्टमेंट आज से जमीन का ट्रांसफर शुरू कर देगा और यह 45 दिन में केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दिया जाएगा।
आयुष्मान भारत योजना पश्चिम बंगाल में लागू
केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना को पश्चिम बंगाल में लागू कर दिया गया है। भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में इस योजना को लागू करने का वादा किया था। ‘जन आरोग्य योजना’ और प्रधानमंत्री की अन्य योजनाएं भी यहां लागू की जाएंगी। इसमें PM जन आरोग्य, PM किसान बीमा, PM श्री, विश्वकर्मा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला समेत सभी केंद्रीय योजनाओं में राज्य को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।
भारतीय दंड संहिता (BNS) पश्चिम बंगाल में लागू
पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार से पुरानी भारतीय दंड संहिता (IPC) को त्याग कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) को लागू करने का फैसला लिया है। साथ ही केंद्र सरकार के 16 जून 2025 के जनगणना निर्देश को पश्चिम बंगाल में तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया। ममता ने पुराने आईपीसी और सीआरपीसी कानून को ही लागू कर रखा था। इसके साथ ही शुभेंदु सरकार ने प्रशासनिक सुधार के लिए फैसला लिया कि IAS अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा।
