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राहत कोष विवाद: कांग्रेस-राकांपा के निशाने पर फड़णवीस, बचाव में उतरी भाजपा

थाईलैंड के लिए एक नृत्य मंडली की यात्रा के लिये कथित तौर पर मुख्यमंत्री राहत कोष से आठ लाख रुपये के आवंटन का मामला को गर्मा गया। विपक्षी पार्टियों ने देवेंद्र फड़णवीस की आलोचना की...

Author मुंबई | October 24, 2015 22:02 pm
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस (पीटीआई फाइल फोटो)

थाईलैंड के लिए एक नृत्य मंडली की यात्रा के लिये कथित तौर पर मुख्यमंत्री राहत कोष से आठ लाख रुपये के आवंटन का मामला शनिवार को गर्मा गया। विपक्षी पार्टियों ने महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति के बीच यह रकम आवंटित करने को लेकर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस की आलोचना की है।

कांग्रेस के हमले का सामना करने और अपने इस्तीफे की मांग के बीच फड़णवीस ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष का सूखा राहत आदि के लिए अलग खाता है और नृत्य मंडली को आवंटित किया गया कोष उसमें से नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘यहां इस्तेमाल किया गया कोष न तो सूखा राहत से है न ही जल संरक्षण कार्यक्रम के कोष से है।’’

कार्यकर्ता अनिल गलगली द्वारा दायर एक आरटीआई अर्जी से यह खुलासा हुआ है कि फड़नवीस ने दिसंबर में बैंकाक में एक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सरकारी कर्मचारियों की एक नृत्य मंडली के लिए आठ लाख रुपये की मंजूरी दी थी। यह रकम सचिवालय जिमखाना को हस्तांतरित की गयी है।

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मुख्यमंत्री कोष से रकम आवंटित करने पर विवाद छिड़ने पर कांग्रेस और राकांपा ने कृषक समुदाय में आत्महत्याओं के बीच सरकार पर हताश किसानों के संकट के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया है। विपक्ष की आलोचना पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए फड़णवीस ने कहा, ‘‘मुझे आश्चर्य हुआ, जब मैंने आज अखबार में पढ़ा कि सूखा के लिए राहत कोष से बैंकाक में कार्यक्रम को लेकर यात्रा के लिए रकम आवंटित की गई।’’

फड़णवीस ने बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र…गोवा राज्य के वकीलों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि तीन तरह के मुख्यमंत्री कोष हैं…एक सूखा के लिए, एक जलयुक्त शिविर (जल संरक्षण कार्यक्रम) और तीसरे में से 25 फीसदी सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित है। इस 25 फीसदी में से हम सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए कोष देते हैं।’’

फड़णवीस ने कहा, ‘‘15 सरकारी सेवक बैंकाक में प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुने गए। लेकिन ऐसा दिखाया गया कि सूखा राहत कोष खर्च किया जा रहा।’’

उधर, दिल्ली में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने फड़णवीस को निशाना बनाते हुए कहा कि यह एक बहुत गंभीर विषय है और पार्टी मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करती है। तिवारी ने कहा, ‘‘यदि धन का दुरुपयोग उस उद्देश्य के लिए किया गया जिसके लिए यह नहीं था तो यह एक गंभीर मुद्दा है। मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए या विपक्षी पार्टियों को एकजुट होकर उनके इस्तीफे पर जोर देना चाहिए।’’

आरटीआई अर्जी के जवाब के मुताबिक इस यात्रा में सरकारी कमर्चारी शामिल हैं जिन्होंने बैंकाक में 26 से 30 दिसंबर के बीच पांचवीं सांस्कृतिक कला प्रदर्शनी ओलंपियाड के तहत एक नृत्य प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए वित्तीय सहायता मांगी थी।

राकांपा ने भी फड़णवीस की आलोचना करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सूखे के गंभीर संकट से जूझ रहा है और हजारों किसान आत्महत्या कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के समक्ष हजारों आवेदन लंबित हैं। लोग कैंसर और हृदय संबंधी रोग जैसी बीमारियों में राहत चाहते हैं। जरूरतमंद लोगों को पांच-दस हजार रुपये बांटने के लिए उनके पास वक्त नहीं है।

राकांपा नेता नवाब मलिक ने कहा कि अपनी खुशी के लिए उन्होंने सचिवालय जिमखाना का कोष विदेश यात्रा के लिए आवंटित कर दिया। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह रकम उन लोगों से बरामद की जानी चाहिये जिन्होंने मजे किए हैं। यदि नहीं तो फड़णवीस को यह अपनी जेब से चुकाना चाहिए।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बचाव में उतरते हुए भाजपा नेता शाइना एनसी ने कहा कि विपक्षी पार्टियों के आरोप बेबुनियद हैं। उन्होंने कहा कि फड़णवीस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। उनकी विश्वसनीयता और जवाबदेही के बारे में देश भर में बातें होती हैं।

इस बीच, सीएमओ से एक अधिकारी ने कहा कि कोष सरकारी कर्मचारियों के लिए आवंटित किए गए न कि वाणिज्यिक कार्यक्रम के लिए।

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