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पुलिस छावनी बना बरवाला: आश्रम की बिजली-पानी काटने से लोगों में बढ़ा गुस्सा

विवादास्पद धार्मिक नेता संत रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पेश करने की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे हिसार जिले के बरवाला कस्बे में तनाव बढ़ता जा रहा है। हाईकोर्ट ने रामपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करके हरियाणा पुलिस को उन्हें 17 नवंबर को या इससे पहले अदालत में […]

Author November 16, 2014 08:46 am
हाईकोर्ट ने रामपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करके हरियाणा पुलिस को उन्हें 17 नवंबर को या इससे पहले अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं (फोटो: भाषा)

विवादास्पद धार्मिक नेता संत रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पेश करने की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे हिसार जिले के बरवाला कस्बे में तनाव बढ़ता जा रहा है। हाईकोर्ट ने रामपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करके हरियाणा पुलिस को उन्हें 17 नवंबर को या इससे पहले अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। रामपाल पर अदालत की अवमानना का आरोप है। इसी बीच पूरा इलाका पुलिस छावनी जैसा लग रहा है। जिला प्रशासन ने आश्रम की बिजली और पानी की सप्लाई काट दी है। संत के अनुयायी भी पुलिस से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं।
रामपाल को अदालत में पेश करने के लिए अब सिर्फ एक दिन शेष रह गया है। ऐसे में हरियाणा पुलिस ने सतलोक आश्रम के आसपास अपना घेरा बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि रामपाल ने आश्रम के अंदर शरण ली हुई है। महिलाएं, बच्चे और हथियारबंद पुरुषों सहित सैंकड़ों अनुयायी आश्रम के बाहर खड़े होकर उनकी सुरक्षा में तैनात हैं। हरियाणा पुलिस को आश्रम के अनुयायियों से हिंसक झड़प का अंदेशा है। इसीलिए आश्रम के आसपास 500 मीटर के क्षेत्र में दो दर्जन दंगा नियंत्रक वाहन तैनात किए गए हैं।

आश्रम के आसपास एक किलोमीटर के क्षेत्र में झोपड़ियां बनाकर रहने वाले लोगों को वहां से भेज दिया गया है। निजी होटल व ढाबे बंद कर दिए गए हैं। हिसार जिला प्रशासन ने आश्रम के आसपास स्थित स्कूलों में तीन दिन की छुट्टी का एलान कर दिया है। हिसार रेंज के सभी अस्पतालो में हाईअलर्ट का एलान किया गया है। हिसार और आसपास के जिलो से 39 एंबुलेंस गाड़ियां बरवाला के लिए भेजी गई हैं।

हिसार रेंज के महानिदेशक अनिल राव ने इस बाबत विस्तृत जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा, ‘हमें माननीय अदालत के फैसले को लागू करना है। हमने आश्रम के आसपास काफी पुलिस बल तैनात कर दिया है। हम अपने आपरेशन और रणनीति का इस समय खुलासा नहीं कर सकते।’

इसी बीच शनिवार दिन में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने रामपाल से हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करने और इसे मानने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में न्यायिक प्रणाली की प्रतिष्ठा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मैं बाबा रामपाल से अपील करता हूं कि वह शांतिपूर्वक तरीके से अदालत के सामने पेश हो जाएं। मैं उनके अनुयायियों से भी इस मामले में अदालत का सहयोग करने की अपील करता हूं।’

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष कृष्णपाल गुज्जर ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा, ‘कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। बाबा रामपाल और उनके अनुयायी इसी के तहत आते हैं। उन्हें अदालत के आदेशों को मानना ही होगा।’

दूसरी तरफ सतलोक आश्रम के प्रवक्ता राजकपूर ने कहा, ‘हम अदालत के आदेशों का उल्लंघन नहीं कर रहे। वास्तव में संत रामपाल अभी यात्रा करने की हालत में नहीं हैं। हिसार के उपायुक्त द्वारा गठित बोर्ड के तीन डाक्टरों ने लिखित में कहा है कि संत रामपाल फिलहाल यात्रा नहीं कर सकते, क्योेंकि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। हमारा सिर्फ यह कहना है कि वे इस काबिल हो जाएं तो वे जरूर अदालत में पेश होंगे। जबकि जिला प्रशासन ने आश्रम की बिजली-पानी की सप्लाई बंद कर दी है। दबाव की इस रणनीति को सहन नहीं किया जाएगा।’

सतलोक आश्रम और राज्य सरकार के बीच जारी तनाव के चलते विपक्ष ने भाजपा सरकार पर हमले शुरू कर दिए हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर इस मुद्दे पर नर्म रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

हाईकोर्ट ने इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हरियाणा के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को निर्देश जारी किए थे कि अगर वे संत रामपाल को पेश करने में नाकाम रहते हैं तो उन्हें सुबह 10 बजे अदालत में मौजूद रहना है।

 

 

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