तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने डीएमके को चेतावनी दे दी है कि उन्हें मजबूर न करें वरना वे डीएमके की पूर्व सरकार से जुड़ी भ्रष्टाचार की फाइलें सार्वजनिक कर देंगे। मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया विधानसभा में मुख्यमंत्री कार्यालय को शिफ्ट करने के लिए निकाले गए कथित टेंडर को लेकर डीएमके और टीवीके नेताओं के बीच हुई तीखी बहस के एक दिन बाद सड़क बनाने के काम में कथित गड़बड़ियों को लेकर आई है।
मंगलवार को डीएमके नेता ईवी वेलु और तमिलनाडु के लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय को दूसरी जगह ले जाने के लिए जारी 5.54 करोड़ के टेंडर में कथित गड़बड़ियों को लेकर तीखी बहस हुई।
बुधवार को विधानसभा में सड़क बनाने के कार्य में कथित गड़बड़ियों को लेकर फिर हंगामा हुआ, जिसमें टीवीके और डीएमके विधायकों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
डीएमके सरकार के भ्रष्टाचार की फाइलें सामने लाऊंगा- जोसेफ विजय
इस गहमागहमी बहस के बीच मुख्यमंत्री विजय ने कहा, “मैं सही समय आने पर पिछली डीएमके सरकार के भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलें सबके सामने लाऊंगा। मेरे पास दो फाइलें मौजूद हैं। मुझे अभी ऐसा करने के लिए मजबूर न करें।”
मुख्यमंत्री कार्यालय को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर विवाद
डीएमके विधायक ईवी वेलु ने मंगलवार को विधानसभा में राज्य सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय को दूसरी जगह ले जाने के फैसले पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि टेंडर की प्रक्रिया न्यूजपेपर में छपी थी, लेकिन सरकारी वेबसाइट पर नहीं क्यों?
विधायक ने आरोप लगाया कि सचिवालय में काम करने वाले लोगों ने उनसे पूछा कि अगर सीएम उस जगह पर आ जाते हैं, तो वे कहाँ आराम करेंगे और खाना खाएँगे। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से इस बात पर ध्यान देने की अपील की।
कहां शिफ्ट करना चाहती है सरकार?
मुख्यमंत्री कार्यालय अभी चेन्नई के फोर्ट सेंट जॉर्ज में और राज्य विधानसभा में है। विजय सरकार की यह योजना है कि CMO को उसी सचिवालय परिसर में बनी 10 मंजिला इमारत नमक्कल कविग्नार मालिगई में ले जाया जाए। इस इमारत को दिवंगत पूर्व CM कलैगनार ने बनवाया था।
मंत्री ने दिया जवाब
राज्य मंत्री आधव अर्जुन ने ईवी वेलु के आरोपों को खारिज किया और कहा कि यह दोस्ताना व्यवहार का दिखावा करते हुए शक पैदा करने की कोशिश मात्र है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यालय को दूसरी जगह ले जाने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि मौजूदा जगह पर बुनियादी सुविधाओं की कमी थी और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों व अन्य गणमान्य व्यक्ति जो मुख्यमंत्री से मिलने सचिवालय आते हैं, उनके लिए कोई रिसेप्शन एरिया नहीं था।
होटल या वैन में भी आराम से रह सकते हैं सीएम- आधव अर्जुन
मुख्यमंत्री विजय का बचाव करते हुए आधव अर्जुन ने कहा कि यह फैसला जोसेफ विजय की निजी विलासिता के लिए नहीं था। उन्होंने कहा कि वे इतने अच्छे स्वभाव के हैं कि वे होटल या वैन में भी आराम से रह सकते हैं।
आधव अर्जुन ने यह भी स्पष्ट किया कि टेंडर की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी, इसलिए इसे पब्लिश नहीं किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि अगर टेंडर के लिए ‘शेड्यूल ऑफ रेट्स’ (दरों की सूची) को तुरंत सार्वजनिक कर दिया जाता, तो कॉन्ट्रैक्टर कीमतें बढ़ा सकते थे। टीवीके मंत्री ने कहा कि जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार जल्द ही इस संबंध में एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करेगी।
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय (थलापति विजय) की सरकार ने हाल ही में अपने 100 दिन पूरे किए हैं। विजय सरकार के 100 दिन के कार्यकाल में कई बड़े फैसले लिए गए जो सीधे जनता के हित से जुड़े थे। इसमें 100 यूनिट तक फ्री बिजली का ऐलान हो या फिर 75,000 रुपये तक का कृषि ऋण माफी हो। इन फैसलों ने जनता को लाभ पहुंचाया है। इस बीच विजय सरकार ने एक और ऐसा फैसला लिया है जो राज्य के दूध उत्पादकों से जुड़ा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
