तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए 75,000 रुपये तक कर्ज को पूरी तरह माफ करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को राहत देने के उद्देश्य से यह फैसला ले रही है। इस योजना के तहत 75000 रुपये तक का बकाया कृषि ऋण पूरी तरह माफ किया जाएगा।

यह घोषणा मुख्यमंत्री विजय के पदभार संभालने के 100 दिन पूरे होने के बाद की गई है। इसे तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

इस फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद उनकी सरकार किसानों के लिए 953.06 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराएगी।

विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार ने मई में सत्ता संभालने के 15 दिनों के भीतर ही 50000 रुपये तक के कृषि कर्ज को माफ करने का फैसला किया था। बाद में इस योजना का दायरा बढ़ाकर 75000 रुपये तक के कृषि ऋण पूरी तरह माफ करने और 75000 रुपये से अधिक के ऋण पर 35,000 रुपये तक की राहत देने का फैसला लिया गया। पीटीआई के अनुसार, इस योजना से 14.44 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिला।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब सहकारी कृषि ऋण के लिए नई व्यवस्था लागू होगी।

-75,000 रुपये तक के कृषि ऋण पर 100% कर्ज माफी दी जाएगी।
-75,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक के ऋण पर अधिकतम 75,000 रुपये तक की माफी मिलेगी।
-1 लाख रुपये से अधिक के ऋण पर अधिकतम 35,000 रुपये तक की कर्ज माफी प्रदान की जाएगी।

14.43 लाख किसानों को सीधे फायदा

टीवीके सरकार के इस फैसले से राज्य के लगभग 14.43 लाख किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। जानकारी के मुताबिक, 1 मई 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच सहकारी बैंकों से लिए गए 75000 रुपये तक के फसल ऋण को पूरी तरह माफ किया जाएगा।

इस ऋण माफी योजना पर राज्य सरकार को करीब 5,932 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह कदम किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और उन्हें कर्ज के बोझ से राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। योजना के लागू होने से छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

धान और गन्ना किसानों को बड़ी सौगात: विजय सरकार ने खरीद बोनस बढ़ाया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को राज्य के किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया। सीएम विजय ने धान और गन्ना किसानों के लिए सरकारी खरीद पर दिए जाने वाले प्रोत्साहन बोनस (इंसेंटिव) में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की।

मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति बहुत अच्छी नहीं है लेकिन इसके बावजूद सरकार ने किसानों के हित में यह फैसला लिया है।