तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को अपने पूर्ववर्ती एवं द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन से उनके घर पर मुलाकात की। विजय स्टालिन के अलवरपेट स्थित आवास पर मिलने के लिये पहुंचे। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात हुई है। विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीट पर जीत हासिल की थी। विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात एक ‘शिष्टाचार भेंट’ थी। विजय अपने कार्यकाल के पहले दिन की शुरुआत होते ही सबसे पहले स्टालिन के आवास के लिए रवाना हुए।

सीएम विजय ने पूर्व सीएम स्टालिन से मुलाकात करने के बाद एमडीएमके नेता वायको दुरई वायको और पीएमके नेता अंबुमणि रामदास से भी मुलाकात की। वायको और रामदास ने सीएम विजय की इस मुलाकात को उनका बड़प्पन बताया। सीएम विजय ने स्टालिन, वायको और रामदास के घर पर जाकर मुलाकात की।

चुनाव परिणाम के बाद विजय-स्टालिन की पहली मुलाकात

यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कड़ा मुकाबला देखने को मिला था जिसमें विजय की तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने एमके स्टालिन की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को अप्रत्याशित रूप से सत्ता से बाहर कर दिया। स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने विजय का स्वागत किया। चुनाव परिणामों और विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात रही।

यह बैठक राजनीतिक रूप से इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कथित तौर पर डीएमके के साथ अपनी लंबी पुराना गठबंधन खत्म कर दिया। कांग्रेस ने सरकार गठन के लिए टीवीके प्रमुख विजय का समर्थन किया।

सूत्रों के अनुसार, इस नए राजनीतिक रुख से डीएमके नाराज़ बताई जा रही है और उसने संसद में अपने सांसदों को कांग्रेस से अलग बैठने की मांग भी की है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने इस नई राजनीतिक साझेदारी को केवल सरकार गठन तक सीमित ना मानते हुए इसे आने वाले समय में स्थानीय निकाय, लोकसभा और राज्यसभा चुनावों तक जारी रहने वाली दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी बताया है।

श्वेत पत्र जारी करेगी विजय सरकार

विजय ने रविवार को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अपने पहले संबोधन में उन्होंने अपनी जीत को ‘वास्तविक और धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय के एक नए युग की शुरुआत’ बताया। साथ ही उन्होंने पूर्व डीएमके सरकार पर राज्य की वित्तीय स्थिति को ‘खराब स्थिति’ में छोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार जल्द ही राज्य के वित्तीय हालात पर श्वेत पत्र (White Paper) जारी करेगी। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ में है।

इस पर एमके स्टालिन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नए मुख्यमंत्री को जल्द ही यह समझ आ जाएगा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करने की वास्तविक प्रशासनिक चुनौतियां क्या होती हैं।

AIADMK में दरार का अंदेशा

यह मुलाकात तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच हुई है। एआईएडीएमके (AIADMK) के भीतर भी चुनावी प्रदर्शन के बाद असंतोष और हलचल के संकेत देखे जा रहे हैं। पार्टी के कई विधायक सोमवार को विधानसभा शपथ ग्रहण समारोह में अलग-अलग पहुंचते नजर आए जिससे संगठन के भीतर भविष्य की रणनीति को लेकर अंदरूनी मतभेदों की अटकलें तेज हो गई हैं।

इसी बीच, सोमवार को ही विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में अपने कैबिनेट सहयोगियों और नव-निर्वाचित विधायकों के साथ विधायक पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री के स्टालिन के आवास पर पहुंचने से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। बाद में जारी विजुअल्स में विजय को मुलाकात के बाद स्टालिन के आवास से निकलते हुए देखा गया।

हालांकि पिछले कुछ दिनों से दोनों नेताओं के बीच तीखे राजनीतिक बयानबाजी का दौर चल रहा था। लेकिन सोमवार की यह मुलाकात सार्वजनिक तौर पर एक अपेक्षाकृत नरम राजनीतिक क्षण के रूप में देखी जा रही है। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है और दशकों से चले आ रहे द्रविड़ राजनीति के प्रभुत्व में नए राजनीतिक समीकरण उभरते दिखाई दे रहे हैं।

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सिनेमा के पर्दे से सत्ता की राजनीति तक पहुंचने की यह यात्रा अचानक नहीं बनी। इसके पीछे सालों की तैयारी, संगठित फैन नेटवर्क और युवाओं के बीच लगातार बढ़ता प्रभाव रहा। यही वजह है कि विजय को अब केवल सुपरस्टार कहना उनकी राजनीतिक पहचान को सीमित करना होगा। जनसत्ता की चुनाव स्पेशल ‘किस्सा मुख्यमंत्री का’ सीरीज में आज बात तमिलनाडु के नए सीएम सी. जोसेफ विजय की…