तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में गुरुवार को सचिवालय के पास एक दंपति ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के सुरक्षा घेर को तोड़ने और उनके काफिले तक पहुंचने की कोशिश की।

अधिकारियों के मुताबिक, दंपति पुलिस कस्टडी में मारे गए एक मृतक के माता-पिता थे, जो मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय की मांग करना चाह रहे थे।

मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने की कोशिश

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दोनों ने मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने और उनसे गुहार लगाने की कोशिश में पुलिस की घेराबंदी तोड़ने की कोशिश की। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया और हिरासत में ले लिया। हालांकि सुरक्षा में सेंध लगाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हालांकि, जनसत्ता स्वतंत्र रूप से इस वीडियो की पुष्टि नहीं कर सका।

अधिकारी ने कहा, “दंपति अचानक मुख्यमंत्री के चलते हुए काफिले की सुरक्षा घेरे में घुस गए, पर पुलिस ने तुरंत पीछाकर उनको रोका और पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में ले लिया।”

युवक की पुलिस कस्टडी में हुई थी मौत

शुरुआती पूछताछ में पता चला कि दंपति शिवगंगा जिले के मनामदुरई के एक युवा इंजीनियरिंग ग्रेजुएट के माता-पिता हैं, युवक की इस साल मार्च में कथित तौर पर पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी, दंपति और रिश्तेदार न्याय की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद गृह मंत्रालय ने TVK प्रमुख को Z+ सुरक्षा दी थी।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भी दावा किया गया कि पुलिस उन प्रदर्शनकारियों को रोकती हुई दिखाई दे रही है, जो आकाश डेलिसन की कस्टडी में हुई मौत के लिए न्याय की मांग करते हुए सचिवालय के पास विजय के काफिले को रोकने की कोशिश कर रहे थे।

कई बार हो चुकी है सुरक्षा में चूक

हालांकि जोसेफ विजय के लिए सुरक्षा में चूक यह कोई नया मामला नहीं है। इस साल जुलाई में, विजय के करूर दौरे के दौरान भी सुरक्षा में थोड़ी चूक हुई थी, जब एक व्यक्ति बैरिकेड्स तोड़कर विजय के काफिले की ओर भागा था।

हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विजय की गाड़ी तक पहुँचने से पहले ही उस व्यक्ति को रोककर वहाँ से हटा दिया और उनका काफिला बिना किसी रुकावट के अपनी मंजिल की ओर बढ़ता रहा।

पिछले साल सितंबर में भी, चेन्नई में विजय के घर पर सुरक्षा में चूक हुई थी, जब अरुण नाम के 24 साल के एक व्यक्ति ने घर में घुस गया था। पुलिस के अनुसार, घुसपैठिया मानसिक रूप से परेशान था और घटना से दो रात पहले ही विजय के घर की छत तक पहुँचने के लिए एक पेड़ पर चढ़ गया था।

खबरों के मुताबिक, विजय ने छत पर उस आदमी को देखा, उसे नीचे ले आए और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

बिना इजाजत घर में घुसने की इस घटना के बाद, जगह की जांच के लिए बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया गया। उस आदमी को हिरासत में ले लिया गया और पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन लाया गया। पूछताछ के दौरान, पुलिस ने उसकी पहचान मदुरंतकम के राजा के बेटे अरुण के तौर पर की।