तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार को मदुरै के राजाजी अस्पताल में ‘थाईमामन गोल्ड रिंग स्कीम’ की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी पहनाई और उनके साथ समय भी बिताया।
मदुरै पहुंचने पर समर्थकों और कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने मुख्यमंत्री विजय का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान फिल्म फाइनेंसर अंबु चेलियन ने भी विजय से मुलाकात की और उन्हें मीनाक्षी अम्मन की प्रतिमा भेंट की।
‘थाई थामन योजना’ क्या है?
यह योजना राज्य के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र बच्चों के लिए है। इस योजना के तहत हर पात्र नवजात को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। सरकार के मुताबिक, अंगूठी पर अलग सीरियल नंबर होगा और इसे छेड़छाड़ से सुरक्षित पैकेट में दिया जाएगा। योजना का मकसद सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देना और लोगों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा मजबूत करना है।
22 जून से जन्मे बच्चे भी होंगे शामिल
योजना का लाभ 22 जून 2026 या उसके बाद तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जन्मे बच्चों को मिलेगा। इसके लिए मां का तमिलनाडु की स्थायी निवासी होना जरूरी है। साथ ही गर्भावस्था और शिशु की निगरानी के लिए राज्य के PICME सिस्टम में रजिस्ट्रेशन और RCH ID होना भी जरूरी है।
सरकार ने पहले चरण में 1.28 लाख सोने की अंगूठियां तैयार कराई हैं। 22 जून से 28 सितंबर के बीच जन्मे बच्चों को अंगूठी देने के लिए राज्य में 107 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों के जरिए पुराने मामलों में रोजाना 100 तक बच्चों को अंगूठी देने की व्यवस्था की गई है।
28 सितंबर के बाद सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले पात्र बच्चों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के समय ही अंगूठी दी जाएगी। योजना के तहत हर साल करीब 4.41 लाख एक ग्राम की अंगूठियां देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए सरकार ने सालाना करीब 755.83 करोड़ रुपये का बजट रखा है।
तमिल परंपरा से जुड़ी है योजना
‘थाई मामन’ का मतलब मां का भाई यानी मामा होता है। तमिल परंपरा में बच्चे के जन्म पर मामा की ओर से उपहार देने की परंपरा रही है। सरकार ने इसी परंपरा को योजना से जोड़ा है। योजना के जरिए सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर भी जोर दे रही है।
आलोचनाओं को लेकर तमिलनाडु के सीएम विजय ने दिया DMK को जवाब
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा है कि उनकी ‘मोटी चमड़ी’ के कारण विपक्ष के द्वारा की गई आलोचनाओं का उन पर कोई असर नहीं होता। यह बात उन्होंने खासकर तमिलनाडु के विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के द्वारा की जा रही आलोचनाओं को लेकर कही।
