वीडियो शेयर कर बोले सीएम सरमा- हमारे पुलिसवालों को मारने के बाद जश्न मना रही मिजोरम पुलिस और गुंडे

असम-मिजोरम सीमा विवाद दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। असम के मुख्यमंत्री ने एक वीडियो जारी कर रहा है कि असम के पुलिसकर्मी की मौत के बाद मिजोरम की पुलिस जश्न मना रही है।

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असम मिजोरम बॉर्डर पर झड़प के बाद मारे गए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते सीएम। पीटीआई

नॉर्थ ईस्ट के दो राज्यों असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद पर कई झड़पें हो चुकी है। दोनों राज्यों के बीच हुई ताजा झड़प में अबतक असम के 5 जवानों और 1 नागरिक की जान जा चुकी है तो वहीं कई घायल हैं। असम में इस घटना को लेकर 3 दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने एक वीडियो जारी कर कहा, “5 असम के पुलिस कर्मियों की हत्या और कई को घायल करने के बाद मिजोरम पुलिस और गुंडे ऐसे जश्न मना रहे हैं।- दुखद और भयावह। ”

बता दें कि असम और मिजोरम के बीच 164 किलोमीटर की सीमा लगती है। दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद काफी सालों से है। हाल ही में ये विवाद ने तब और जोर पकड़ा जब असम के जवान अतिक्रमण हटाने के लिए सीमा के नजदीक पहुंचे। जिसके बाद उनपर हमला हो गया। असम का आरोप है कि मिजोरम ने हमला किया है जबकि मिजोरम का कहना है कि असम ने हमला किया है।

असम के बराक घाटी के तीन जिले- कछार, करीमगंज और हैलाकांडी तो वहीं मिजोरम के आइजोल, कोलासिब और मामित एक दूसरे के साथ सीमा साझा करते हैं। इन्हीं इलाकों में हमेशा विवाद होते रहते हैं।

इस मामले में अब केंद्र खुद मोर्चा संभालते दिख रहा है। दोनों ही राज्यों में बीजेपी या बीजेपी समर्थित सरकार है। जिसके बाद से केंद्र पर भी विवाद को खत्म करने के लिए दबाब बढ़ता दिख रहा है। यही कारण है खुद गृहमंत्री अमित शाह इस मामले को हल करने की दिशा में पहल करते दिख रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने इस मामले पर कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और अतिरिक्त बल को तैनात कर दिया गया है। जो दोनों पक्षों पर नजर रखेंगे।

उधर, कांग्रेस ने असम-मिजोरम सीमा पर हुई हिंसा को लेकर मंगलवार को कहा कि ‘युद्ध जैसी स्थिति’ के लिए गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और इस पूरी घटना की जांच होनी चाहिए। लोकसभा में पार्टी के उप नेता गौरव गोगोई ने यह भी कहा कि जल्द ही कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मौके पर जाएगा।

गोगोई ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘असम-मिजोरम सीमा पर हुई हिंसा में छह पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और बहुत सारे पुलिस अधिकारी एवं आम लोग घायल हुए हैं। यह स्थिति अचानक से नहीं पैदा हुई। इसका एक इतिहास है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उस स्थान पर कई महीनों से लोगों और पुलिस के बीच छोटी-छोटी घटनाएं हो रही थीं। हमें उम्मीद थी कि गृह मंत्री अमित शाह जी के पूर्वोत्तर दौरे पर एक विकल्प निकलेगा। लेकिन सिर्फ तस्वीरें खींची गई। उनके दौरे के दो दिन बाद वहां बड़ी हिंसा हुई।’’

गोगोई ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘हम जांच की मांग करते हैं। मैंने कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।’’ कांग्रेस सांसद प्रद्युत बारदोलोई ने कहा, ‘‘वहां युद्ध जैसी स्थिति है। हम इसकी जांच की मांग करते हैं। हम मांग करते हैं कि इस मामले का सम्मानजक समाधान होना चाहिए। हम यह मांग भी करते हैं कि केंद्र सरकार दखल दे और संघर्ष समाधान करे।’’

कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक ने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा को इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यह केंद्र सरकार की विफलता है और असम सरकार की विफलता है। असम के मुख्यमंत्री अगर शासन पर ध्यान देते तो यह घटना नहीं होती। सरमा को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।’’

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