तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को राज्य के किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया। सीएम विजय ने धान और गन्ना किसानों के लिए सरकारी खरीद पर दिए जाने वाले प्रोत्साहन बोनस (इंसेंटिव) में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की।
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति बहुत अच्छी नहीं है लेकिन इसके बावजूद सरकार ने किसानों के हित में यह फैसला लिया है।
उन्होंने कहा, ”धान और गन्ने की खेती करने वाले किसानों के हितों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है। इसलिए हमने तमिलनाडु के इतिहास में पहली बार धान और गन्ने पर राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले प्रोत्साहन को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है।”
MSP के ऊपर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 सितंबर से शुरू होने वाले धान खरीद सीजन में केंद्र सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अलावा राज्य सरकार अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देगी।
बेहतरीन (Fine Grade) धान पर राज्य सरकार 289 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देगी जिससे कुल खरीद मूल्य 2750 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा।
सामान्य (Common Grade) धान पर 159 रुपये प्रति क्विंटल का प्रोत्साहन दिया जाएगा जिससे कुल खरीद मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा।
इसी तरह गन्ने पर भी राज्य सरकार 709 रुपये प्रति टन का अतिरिक्त प्रोत्साहन देगी। इसके बाद गन्ने का कुल खरीद मूल्य 4000 रुपये प्रति टन हो जाएगा।
एक ही साल में बढ़ी 156 रुपये से ज्यादा की प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में नियम 110 के तहत यह घोषणा करते हुए कहा कि तमिलनाडु के इतिहास में पहली बार धान पर राज्य सरकार ने एक ही साल में 156 रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि बढ़ाई है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 2025-26 पेराई (मिलिंग) सीजन के लिए चीनी मिलों में पंजीकरण कराने और गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों के लिए 3290.50 रुपये प्रति टन का मूल्य तय किया है। इसके ऊपर तमिलनाडु सरकार 709.50 रुपये प्रति टन का विशेष प्रोत्साहन देगी।
सीएम विजय ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में गन्ने पर विशेष प्रोत्साहन राशि में कुल 156 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी जबकि उनकी सरकार ने पहले ही वर्ष में 360.50 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी है।
उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि तमिलनाडु सरकार खेती और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने के लिए हर कदम पर किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
‘हमारी मातृभाषा हमारी मां की तरह पवित्र’: सीएम विजय
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में एक सरकारी प्रस्ताव पेश किया। इसमें राज्य भर में आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत में राज्य गीत, तमिल थाई वजथु का गायन अनिवार्य कर दिया गया है।
राज्य विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए विजय ने कहा कि उनकी टीवीके सरकार तमिलनाडु के भाषाई और सांस्कृतिक अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगी और उन्होंने विधायकों से इस विधेयक का समर्थन करने में राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार रखने का आग्रह किया।
