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हिमाचल के धर्मपुर में बारिश से तबाही, चार की मौत

मंडी जिले के धर्मशाला इलाके में आज बादल फटने से आयी बाढ़ के चलते एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित चार लोगों के मरने की आशंका है..

Author August 9, 2015 9:37 AM
मंडी में बादल फटने के बाद आई बाढ़ से धरमपुर बस स्टैंड और दुकानें और कई घर जलमग्न हो गये। (PTI Photo)

शनिवार तड़के जिले के धर्मपुर हलके में भारी बारिश से सोन खड्ड नदी का जलस्तर बढ़ गया जिससे भारी तबाही हुई। रात दो बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश से धर्मपुर कस्बे में स्थित बस अड्डा पूरी तरह तहस-नहस हो गया और दर्जन भर बसें तबाह हो गर्इं। हालांकि रात में वहां किसी के न होने से जान का कोई नुकसान नहीं हुआ। अलबत्ता क्षेत्र की तनेहड़ पंचायत के सक्रेणधार गांव में मलबा गिरने से एक ही परिवार के तीन लोग दब गए। इसके अलावा बरोटी वारल गांव में बाढ़ में बहने के बाद एक व्यक्ति लापता है।

सक्रेणधार गांव में मलबा गिरने से परिवार के तीन लोग मलबे में दब गए जिनमें बच्चन सिंह पुत्र तारा चंद, उसकी पत्नी गंभरी देवी और बहु शैलजा देवी शामिल हैं। शैलजा का शव मलबे में से निकाल लिया गया, जबकि दो की तलाश जारी है। उधर बरोटी वारल में सुंदर अली पुत्र कातर अली भी लापता बताया जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि प्रशासन ने अभी नहीं की है। नायब तहसीलदार पवन कुमार सके्रणधार में राहत कार्य का जायजा ले रहे हैं। वहीं पीड़ित परिवारों को उन्होंने 10 हजार रुपए की फौरी मदद दी है। क्षेत्र में केवल मोबाइल फोन ही काम कर रहे है बाकी दूरसंचार सेवाएं ठप हैं। बड़ी मशक्कत के बाद दोपहर एक बजे सिर्फ धर्मपुर कस्बे में बिजली बहाल हो पाई थी।

एसडीएम विक्रम महाजन करीब एक बजे धर्मपुर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। उन्होंने कहा कि सड़कों को चालू करने की भरपूर कोशिश की जाएगी, ताकि राहत कार्य में तेजी लाई जा सके। अभी पूरी स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि धर्मपुर बाजार में करीब चार करोड़ का नुकसान होने की आशंका है।

सोन खड्ड का जल स्तर खतरे से ऊपर हो जाने के बाद नवनिर्मित धर्मपुर बस अड्डे की निचली मंजिल पूरी तरह पानी में डूब गई। इससे अड्डे में खड़ी तीन कारें और टाटा सूमो बह गर्इं। परिवहन निगम की एक दर्जन बसें, जो रात को यहां खड़ी थीं, भी पानी में तैरने लगीं। बसें किसी तरह बस अड्डे के खंभों से टकरा कर बहने से तो रुक गर्इं, लेकिन उनकी हालत खराब हो गई है।

सोन खड्ड का कैचमेंट क्षेत्र बड़ा है और इस पूरे इलाके में रात दो बजे से लगातार बारिश होती रही जो शनिवार को भी जारी रही। धर्मपुर कॉलेज परिसर को भी सोन खड्ड की बाढ़ ने तबाह कर दिया है। सांई फाउंडेशन के आइटीआइ भवन और स्कूल पर भी इसका कहर बरपा है। तनेहड़ पंचायत के चौरी गांव में भी पांच कमरों का एक मकान ढह गया।

धर्मपुर बस अड्डे पर ट्रांसफार्मर के पोल टूटने से बिजली की आपूर्ति और कई उठाऊ पेयजल योजनाओं की मोटरें न चलने से पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। स्थानीय विधायक महेंद्र सिंह ठाकुर घटना स्थल पर हैं। मंडी में ब्यास और सुकेती खड्ड का जल स्तर भी बढ़ गया है जिससे ब्यास के किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित जगह जाने के निर्देश जारी किए हैं। भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

विधायक महेंद्र सिंह ठाकुर ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि धर्मपुर उपमंडल होने के बावजूद इस भारी त्रासदी के समय न तो एसडीएम और न ही राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने इस सिलसिले में उपायुक्त मंडी संदीप कदम ने बताया कि मंडी विवेक चंदेल की अगुआई में मंडी से बचाव टीम रवाना कर दी गई है।

उत्तराखंड में भारी बारिश से सड़क संपर्क टूटा:

उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। इस कारण राज्य के 13 जिलों की सड़कें मलबा आ जाने के कारण छतिग्रस्त हो गई हैं। पर्वतीय जिलों में कई गांवों का सड़क मार्ग से संपर्क टूट गया है। बदरीनाथ और यमुनोत्री धामों को जाने वाले रास्ते 24 घंटे से बंद पड़े हैं। बदरीनाथ का रास्ता भूस्खलन के कारण जोशीमठ से आगे कई जगह बंद पड़ा है। यमुनोत्री राजमार्ग में भी कई जगह पहाड़ टूटकर सड़क मार्ग में आ जाने से रास्ता बंद है। इन दोनों धामों के रास्तों को खोले जाने के लिए सीमा सड़क संगठन के जवान लगे हुए हैं।

बदरीनाथ-जोशीमठ राजमार्ग में पहाड़ से मलबा आ जाने के कारण सैकड़ों वाहन रास्ते में फंस गए। इसी तरह यमुनोत्री धाम को जाने वाला सड़क मार्ग भूस्खलन के कारण बाधित हो गया। वहां भी सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। राज्य मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में राज्य में लगातार बारिश होने की संभावना बनी हुई है। उत्तरकाशी में बरसाती नाले में एक छात्र बह गया है। जिसकी खोज जारी है। उत्तराकाशी में भागीरथी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
उत्तरकाशी-लालडांग सड़क मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगोत्री पहुंच रहे हैं। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने कांवड़ियों के गोमुख जाने पर पाबंदी लगा दी है। रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी राघव लंगर के मुताबिक, केदारनाथ जाने वाला रास्ता सुचारू रूप से चल रहा है। लगातार हो रही बारिश के बावजूद केदारनाथ की यात्रा चालू है। साथ ही लोगों को सतर्क कर दिया गया है।

राज्य मौसम केंद्र के निदेशक आनंद शर्मा के मुताबिक, राज्य में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है। अब तक राज्य में इस मॉनसून के दौरान 656 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। और आगे भी मॉनसून के लगातार सक्रिय रहने की उम्मीद है। और 40 से 65 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना है।

राज्य के आपदा न्यूनीकरण व प्रबंधन केंद्र के निदेशक डॉक्टर पीयूष रौतेला के मुताबिक, राज्य में बारिश के कारण जहां राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग खुले हुए हैं वहीं पहाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़क मार्ग बाधित हुए हैं। हरिद्वार में गंगा नदी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है। हल्द्वानी में स्टोन क्रेशर से बने गड्ढे में बरसाती पानी आ जाने से एक बच्चा डूबकर मौत के मुंह में समा गया।

नैनीताल जिले के रामनगर में बरसाती नदी में बारिश का पानी आ जाने के कारण मोटरसाइकिल सवार दो युवक बाल-बाल बच गए। टिहरी जिला प्रशासन ने बारिश के कारण टिहरी झील के आस-पास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। हरिद्वार में गंगा के किनारे बसे गांवों के लोगों को जिला प्रशासन ने संभावित किसी भी बाढ़ से बचने के लिए चेतावनी जारी कर दी है। उत्तराखंड में इस वक्त बारिश के कारण अलकनंदा, भगीरथी, पिंडर, कोसी, मंदाकिनी, नंदाकिनी, बिन्ध्य नदियों समेत कई नदियां उफान पर हैं।

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