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मालेगांव ब्‍लास्‍ट: NIA चार्जशीट में साध्‍वी प्रज्ञा को क्‍लीन चिट, ATS ने पुरोहित के घर रखे विस्‍फोटक

2008 मालेगांव धमाकों के मामले में नेशनल इंवेस्‍टीगेशन एजेंसी(एनआईए) ने चार्जशीट में साध्‍वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम आरोपियों में शामिल नहीं करने का फैसला किया है।
2008 मालेगांव धमाकों के मामले में नेशनल इंवेस्‍टीगेशन एजेंसी(एनआईए) ने साध्‍वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जमानत देने का विरोध नहीं करने का फैसला किया है।

2008 मालेगांव धमाकों के मामले में नेशनल इंवेस्‍टीगेशन एजेंसी(एनआईए) की ओर से शुक्रवार  (13 मई) को दायर की जाने वाली चार्जशीट में साध्‍वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम आरोपियों में शामिल नहीं करने का फैसला किया है। चार्जशीट में बताया जा सकता है कि महाराष्‍ट्र के पूर्व एटीएस चीफ हेमंत करकरे की ओर से की जांच के बाद एक अन्‍य आरोपी कर्नल प्रसाद पुरो‍हित के खिलाफ पेश किए गए सबूत मनगढंत थे। साथ ही गवाहों के बयान जबरन लिए गए। बता दें कि करकरे 26/11 मुंबई हमलों में शहीद हुए थे। अगर प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम आरोपियों में शामिल नहीं होगा तो उन्‍हें वे जल्‍द ही जेल से बाहर आ सकती हैं।

पूरी संभावना है कि चार्जशीट में कहा जाएगा कि एटीएस ने 2008 में पुरोहित की गिरफ्तारी के समय उनके देवलाली आर्मी कैंप स्थित क्‍वार्टर में विस्‍फोटक प्‍लांट किए थे। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया,’हमारे पास सबूत है कि आरडीएक्‍स एनआईए की ओर से प्‍लांट किया गया था।’ एनआईए ने पुरोहित सहित सभी आरोपियों से मकोका(महाराष्‍ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्‍ट) हटाने का फैसला किया है। उन पर अब अनलॉफुल एक्‍टीविटीज(प्रिवेंशन) एक्‍ट(यूएपीए) लगाया जाएगा और यूएपीए कोर्ट में ही चार्जशीट पेश की जाएगी।

जानकारी में आया है कि तीन अन्‍य आरोपियों को भी एनआईए ने क्‍लीनचिट दे दी है। जांच एजेंसी का दावा है कि इन्‍हें मालेगांव धमाकों की साजिश की जानकारी नहीं थी। गौरतलब है कि मालेगांव धमाकों में चार लोगों की मौत हुई थी ओर 79 घायल हुए थे। सूत्रों का कहना है कि साध्‍वी प्रज्ञा के खिलाफ कमजोर सबूत हैं और उनके खिलाफ मकोका भी हटाया जा चुका है। इसके चलते साध्‍वी को आरोपियों में शामिल नहीं किया गया।

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एक अधिकारी ने दावा किया, ”उनके खिलाफ एक मात्र सबूत है मोटरसाइकिल जिस पर बम रखा गया था। मोटरसाइकिल उनके नाम से थी लेकिन उसका उपयोग रामचंद्र क लसांगरा कर रहा था। जांच में सामने आया कि धमाकों से दो साल पहले तक यह उसके पास थी। गवाहों के बयानों से यह साबित हुआ है।” सूत्रों ने दावा किया कि साध्‍वी के धमाकों की साजिश में शामिल होने के सबूत भी कमजोर हैं।

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एनआईए ने इस मामले की जांच तीन साल पहले महाराष्‍ट्र एटीएस से ली थी। महाराष्‍ट्र एटीएस ने चार्जशीट भी फाइल कर दी थी। एनआईए ने सभी आरोपियों, गवाहों और सबूतों की फिर से जांच की। कई लोगों के नए सिरे से बयान भी दर्ज किए गए।

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साध्‍वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित पर एटीएस का मत:
बम के साथ रखी गई हीरो होंडा मोटरसाइकिल साध्‍वी प्रज्ञा सिंह‍ ठाकुर की थी
महाराष्‍ट्र एटीएस ने सबसे पहले उन्‍हें ही गिरफ्तार किया।(24 अक्‍टूबर 2008)
मुस्लिम बहुल इलाकों को निशाना बनाने के लिए आयोजित की गई सभी बैठकों में साध्‍वी ने हिस्‍सा लिया।
11 अप्रैल 2008 को भोपाल में बैठक के दौरान पुरोहित ने कहा कि वह विस्‍फोटक मुहैया कराएगा।
साध्‍वी ने कहा कि मालेगांव धमाकों के लिए वह आदमियों का व्‍यवस्‍था करेगी।
साध्‍वी सुनील जोशी ओर रामचंद्र कलसांगरा को जानती थी। उनकी मोटरसाइकिल कलसांगरा के पास थी।
एटीएस ने कहा कि पुरोहित ने हिंदू राष्‍ट्र के लिए 2007 में अभिनव भारत बनाया
पुरोहित कश्‍मीर से आरडीएक्‍स लाया।
सुधाकर चतुर्वेदी, कलसांगरा के साथ मिलकर पुरोहित ने पुणे में बम बनाए।

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  1. Parmatma Rai
    May 13, 2016 at 12:59 pm
    धिक्कार है कांग्रेसी षड्यंत्रकारियों पर,जिन्होंने 'सेकुलर' का तगमा लगाने के लिए ''भगवा आतंकवाद'' शब्द की इज़ाद की और मनगढंत कहानी ए टी एस से बनवा कर गन्दा खेल खेलने की कोशिश की.अब सच सामने आएगा,सूरज निकलेगा,अँधेरा भागेगा,चिदंबरम रोयेगा.
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