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आंदोलन के बाद कापू नेता ने दी भूख हड़ताल की धमकी, केंद्र पर लगाया समुदाय को बदनाम करने का आरोप

अपने समुदाय को पिछड़े वर्ग में आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलनरत कापू नेता मुद्रगडा पद्मनाभम ने सोमवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की धमकी देते हुए सरकार पर कापू समुदाय को बदनाम करने का आरोप लगाया।

Author हैदराबाद | Updated: February 2, 2016 7:58 AM
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अपने समुदाय को पिछड़े वर्ग में आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलनरत कापू नेता मुद्रगडा पद्मनाभम ने सोमवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की धमकी देते हुए सरकार पर कापू समुदाय को बदनाम करने का आरोप लगाया। आरक्षण को लेकर शुरू इस आंदोलन के चलते रविवार को एक ट्रेन में आग लगा दी गई थी। हालांकि सोमवार को कापू नेता और सरकार ने एक दूसरे को हिंसा का जिम्मेदार ठहराया।

अपने पैतृक पूर्वी गोदावरी जिले में उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘अगर मुझे जेल में भी बंद कर दिया जाता है, तब भी मैं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखूंगा। सरकार एक भयानक वातावरण बनाने और कापू समुदाय को बदनाम करने की साजिश कर रही है।’ उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ तेदेपा के उकसावे पर ‘बुरे तत्वों’ ने रविवार जिले के तुनी में हिंसा की। उन्होंने आरोप लगाया कि तेदेपा सरकार जनसभा में बाधा उत्पन्न करके उनके आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने पूछा ‘यह राज्य की अपनी संपत्ति है?’

इस बीच, आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री (गृह) एन चिन्ना राजप्पा और नगर प्रशासन मंत्री पी नारायण ने पदमनाभम की टिप्पणियों की निंदा की है। चिन्ना राजप्पा ने बताया कि सरकार ने रविवार सार्वजनिक बैठक के लिए सरकारी बसों का इस्तेमाल किया। सार्वजनिक बैठक में पदमनाभम पर लोगों को उकसाने का आरोप लगाते हुए उन्हें हिंसा का जिम्मेदार ठहराया।

दूसरी ओर हिंसक प्रदर्शन के बाद सरकार ने क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस भेजकर सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए गए। सूबे के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू हालात की समीक्षा कर रहे हैं। जिले के तुनी क्षेत्र में रविवार आंदोलनकारियों ने उपद्रव मचाते हुए एक यात्री ट्रेन, पुलिस चौकी, पुलिस वाहनों और निजी वाहनों को फूंक दिया था। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आंदोलनकारियों का शिकार बनी तुनी पुलिस चौकी और अन्य चीजों का निरीक्षण किया। उपद्रव के दौरान 10-15 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने विजयवाड़ा में मंत्रियों और अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। राज्य के निकाय प्रशासन मंत्री पी नारायण ने आंदोलन के नेता और पूर्व मंत्री मुद्रागडा पद्मनाभम को इस आंदोलन को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से संचालित न करने का दोषी ठहराया।

पिछड़े वर्ग के तहत आरक्षण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे कापू समुदाय के सदस्य रविवार हिंसक हो उठे थे। उन्होंने उपद्रव मचाते हुए तुनी स्टेशन पर रत्नाचल एक्सपे्रस के चार डिब्बों को आग के हवाले करने के साथ ही पूर्वी गोदावरी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 16 को जाम कर दिया गया था। इस हिंसक प्रदर्शन के बाद सोमवार दक्षिण पूर्वी रेलवे ने कुछ ट्रेनें रद्द की और कुछ के समय में बदलाव किया।

हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगाए गए जाम को देर रात खोल दिया था।
प्रदर्शनकारी रविवार को तुनी में पद्मनाभम द्वारा संबोधित की जाने वाली एक जनसभा मेंं जुटे थे। इसी दौरान ट्रेन के इंजिन पर पत्थर फेंके, पुलिसकर्मियों पर हमला किया और कुछ बोगियां भी जला दी गईं। हालांकि ट्रेन को आग के हवाले किए जाने से पहले सभी यात्री नीचे उतर आए थे।

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