स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूचियों में हो रही प्रक्रिया को लेकर शुक्रवार को मुंबई और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जबकि दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP), वामपंथी छात्र संगठनों और नागरिक समाज के लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन में CJP के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके के साथ एक्टर नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, गायक विशाल ददलानी और निर्देशक विशाल भारद्वाज समेत फिल्म जगत की कई हस्तियां शामिल हुईं। महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी भी प्रदर्शन में मौजूद रहे।
अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
CJP नेता अभिजीत दीपके ने केंद्र की बीजेपी नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी को दो महीने के भीतर एक और प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि CJP तीन दिन नहीं, बल्कि तीन महीने तक आंदोलन करेगी।
दीपके ने SIR की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने संविधान और मतदान के अधिकार की अहमियत बताते हुए महात्मा गांधी, बीआर आंबेडकर और जवाहरलाल नेहरू का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर गांधी भारत की आत्मा हैं तो आंबेडकर उसकी रीढ़ और नेहरू उसका दिमाग हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
CJP नेता ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को चुनौती देते हुए कहा कि वह प्रदर्शनकारियों को जेल भेज सकते हैं। शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने भी CJP के प्रदर्शन को समर्थन दिया है।

विशाल ददलानी ने गाने के जरिए की इस्तीफे की मांग
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी का समर्थन नहीं करने वाले नागरिकों का मतदान का अधिकार छीन लिया जाना चाहिए। गायक विशाल ददलानी ने प्रदर्शन के दौरान ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ गाना गाया। बाद में उन्होंने इसके बोलों में बदलाव करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद छोड़ने की अपील की।
प्रदर्शन में शामिल पुणे निवासी 34 वर्षीय कुशल गुप्ते ने कहा कि वह इसलिए मुंबई आए हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि चुनावी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा प्रभावित हुआ है। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग पर भरोसा दोबारा कायम करने के लिए ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए।
मुंबई के कुर्ला की रहने वाली एक लड़की भी अपने पिता और बहन के साथ प्रदर्शन में पहुंची। उसने कहा कि वह देश में लोकतंत्र के भविष्य और महिलाओं तथा अन्य कमजोर वर्गों के अधिकारों को लेकर चिंतित है।
दिल्ली में करीब 700 प्रदर्शनकारी हिरासत में
दिल्ली में पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग वहां जुटने की कोशिश करते रहे। पुलिस के मुताबिक, करीब 700 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इलाके में निषेधाज्ञा लागू की गई, जबकि सेंट्रल दिल्ली के 12 मेट्रो स्टेशनों पर कुछ समय के लिए प्रवेश और निकास बंद किया गया।
हिरासत में लिए गए लोगों में AAP नेता सौरभ भारद्वाज, आतिशी और संजय सिंह, RJD सांसद मनोज झा, AISA नेता नेहा बोरा, स्वराज इंडिया के सदस्य योगेंद्र यादव तथा CPI(M) के छात्र संगठन SFI और कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के कार्यकर्ता शामिल थे।

प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन और जंतर-मंतर के आसपास के इलाके को घेर लिया था। सौरभ भारद्वाज सुबह करीब 10:30 बजे वहां पहुंचे। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और AAP ने छह दिन पहले प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन किया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
AAP नेता आतिशी ने X पर शेयर किए गए एक वीडियो में आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।
बसों में भरकर प्रदर्शनकारियों को ले गई पुलिस
करीब पांच घंटे तक अशोका रोड, जनपथ और टॉल्स्टॉय रोड से जंतर-मंतर की ओर पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर फतेहपुर बेरी और बदरपुर पुलिस थानों ले जाया गया।
AISA नेता नेहा बोरा जब मौके पर पहुंचीं, तब तक सैकड़ों लोग हिरासत में लिए जा चुके थे। वह योगेंद्र यादव और RTI कार्यकर्ता निखिल डे के साथ थीं। इसके बाद तीनों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन में शामिल आंध्र प्रदेश के 36 वर्षीय IT प्रोफेशनल पवन ने कहा कि आंदोलन सिर्फ ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसके पीछे SIR को लेकर भी लोगों की चिंता है। उनके मुताबिक, लोगों को डर है कि SIR की वजह से बड़ी संख्या में मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
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महाराष्ट्र के लातूर में छात्रों ने शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि दीपके ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के खिलाफ लड़ाई को बीच में ही छोड़ दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
