प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में ‘दिमागी नक्सल’ का जो तंज कसा था उसको लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का रिएक्शन सामने आया है। दरअसल, पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पीएम मोदी के तंज पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यह सरासर अहंकार है और अब बदलाव की घंटी बज चुकी है।

सौरव दास ने अपनी पोस्ट में पीएम मोदी के तंज पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री जी, ‘दिमागी नक्सल’ या ऐसी कोई भी बात काम नहीं आएगी। आप पढ़े-लिखे युवाओं को नक्सली कैसे कह सकते हैं? सिर्फ इसलिए कि वे आपकी सरकार से सवाल पूछते हैं? यह सरासर अहंकार है। उनकी समस्याओं को हल करने में पूरी तरह नाकामी है। बदलाव की घंटी बज चुकी है। जागने का समय आ गया है।”

पीएम के तंज पर विपक्षी दलों ने क्या कहा?

कांग्रेस का रिएक्शन

सौरव दास के अलावा विपक्षी पार्टियों ने भी पीएम मोदी के इस तंज की आलोचना की है। कांग्रेस पार्टी की ओर से सीनियर लीडर पी चिदंबरम ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में कहा है कि प्रधानमंत्री ने गाली-गलौज का एक नया शब्द गढ़ा है और वह है ‘दिमागी नक्सल’। चिदंबरम ने कहा कि यह बुद्धिजीवियों, लेखकों, टीचरों, जानकारों वगैरह को ‘अर्बन नक्सल’ कहने के घटिया तरीके का नया रूप है। याद कीजिए इससे पहले वह देशद्रोही, पाकिस्तान समर्थक, टुकड़े-टुकड़े गैंग, देश के दुश्मन, जासूस वगैरह जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर चुके हैं।

चिदंबरम ने आगे कहा कि अगर पीएम के मुताबिक, दिमागी नक्सल खत्म हो जाएगा तो इसका मतलब है कि विपक्षी भी खत्म हो जाएगा। इससे एक पार्टी के शासन और आखिर में तानाशाही का रास्ता बनेगा।

चिदंबरम के अलावा कांग्रेस पार्टी के ही एक और सीनियर लीडर शशि थरूर ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में कहा कि सरकार के लिए हिंसा और हथियारों के जरिए बगावत पर नजर रखना जरूरी है, लेकिन किसी भी व्यक्ति को बिना ठोस सबूत ‘दिमागी नक्सल’ कहना लोकतंत्र के लिए खतरनाक मिसाल बन सकता है।

CPI (M) ने क्या कहा?

CPI(M) के जनरल सेक्रेटरी एम ए बेबी ने पीए मोदी के “दिमागी नक्सल” वाले तंज को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे विपक्ष को टारगेट करने की कोशिश की है।

वहीं CPI के उनके काउंटरपार्ट डी राजा को लगा कि यह असहमति को दबाने की कोशिश है। डी राजा ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी स्वतंत्रता दिवस जैसे खास राष्ट्रीय मौके पर भी असहमति जताने वालों को टारगेट करने का समय और मौका ढूंढ लेते हैं और आसानी से भूल जाते हैं कि भारत के लोग उनसे और उनकी सरकार से क्या मांग रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “राइट विंग द्वारा बार-बार गढ़ी गई बेबुनियाद कैटेगरी: ‘एंटी-नेशनल’, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ और दूसरी, मोदी ने अब एक और बेतुका लेबल जोड़ दिया है ‘दिमागी नक्सल’। यह असहमति को बदनाम करने और सरकार पर सवाल उठाने वालों को डराने की कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है।”

टीएमसी का रिएक्शन

तृणमूल कांग्रेस (TMC) लीडर और पूर्व MP साकेत गोखले ने PM मोदी की टिप्पणी को लेकर कहा कि आप ऐसे मंच से अपने आलोचकों को टारगेट नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, “शर्म की बात है कि मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके का इस्तेमाल अपने विरोधियों को ‘दिमागी नक्सली’ कहकर सस्ते हमले करने के लिए किया। युवाओं पर हिंसा और पेलेट गन का इस्तेमाल करने के लिए उनसे माफी मांगने के बजाय मोदी अपनी हमेशा की बकवास कर रहे हैं। अपना ईगो छोड़ो, मिस्टर PM। इससे कोई मदद नहीं मिल रही है।”

पीएम मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा था कि जहां सशस्त्र नक्सलवाद का खतरा अब समाप्ति की ओर है, वहीं ”दिमागी नक्सल” सोच रखने वाले कुछ लोग ऐसे हैं, जो हिंसा और अशांति फैलाने के मौके तलाश रहे हैं तथा देश को गलत दिशा में ले जाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत है और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा था कि जब जंगलों में हथियारबंद नक्सलवाद खत्म होने वाला था, तब उनके विचारधारा से सहानुभूति रखने वाले देश में अशांति पैदा करने के मौके ढूंढ रहे थे। उन्होंने कहा कि माओवादी, जिन्होंने 3,500 से ज़्यादा सुरक्षाकर्मियों को मार डाला था और देश को खून से लथपथ कर दिया था, सालों के सुरक्षा ऑपरेशन के बाद अपनी आखिरी सांसें ले रहे हैं, “हमें इस चुनौती को कम नहीं आंकना चाहिए”।

यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से क्या कहा? जानिए भाषण की 10 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने नई रफ्तार पकड़ी है और अब 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन है। यहां पढ़ें पूरी खबर…