कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि केरल हाउस के बाहर अपना धरना जारी रखे हुए हैं। कई प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने कहा कि जब तक संसद में छात्रों की आवाज नहीं उठाई जाती, तब तक वे अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे। संसद की ओर विरोध मार्च तेज होने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए तंबू और अन्य ढांचों को हटा दिया है।
सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर तीन मांगें रखीं हैं। इनमें सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा और नीट परीक्षा के परिणाम लीक होने के बाद आत्महत्या करने वालों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल हैं।
विपक्षी दलों ने भी किया समर्थन
विपक्षी दलों के नेताओं की बात करें तो राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल समेत विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता व्यक्त की और पुलिस की बर्बरता की निंदा की। संसद मार्च सीजेपी प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने और फेक न्यूज फैलने से बचाने के लिए पुलिस प्रशासन ने इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया।
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आशुतोष रांका बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा विरोध प्रदर्शन
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, "जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे। हम यहां हैं और और प्रदर्शनकारियों के हमारे साथ जुड़ने का इंतजार कर रहे हैं।"
हिरासत में लिए गए लोगों को मिलेगी कानूनी मदद - सीजेपी प्रवक्ता
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि घायल छात्रों और प्रदर्शनकारियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि उनकी कानूनी टीम हिरासत में लिए गए लोगों को सहायता प्रदान करेगी।
जारी रहेगा सोनम वांगचुक का अनशन
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि जब तक सीजेपी के सदस्यों से सांसद मुलाकात नहीं करते, सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती, तब तक वे अपना अनशन जारी रखेंगे। दूसरी ओर सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी का प्रदर्शन अभी भी जारी रहेगा, और वे अपनी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाली मांग पर अड़े रहेंगे।
सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता - सोनम वांगचुक की पत्नी
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा, "आज का विरोध मार्च 'बेहद सफल' रहा, इसने शिक्षा को लेकर राष्ट्रीय चेतना को जगाया; जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता।"
हमने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया- आशुतोष रांका
सीजेपी का विरोध प्रदर्शन जारी है और पार्टी नेता आशुतोष रांका ने कहा है कि वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। रांका ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “आज कॉकरोचों ने एक बड़ी जीत हासिल की है! हमने सरकार को झुकने और हमारी बात सुनने पर मजबूर कर दिया है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने केंद्र सरकार की निष्क्रियता की आलोचना करते हुए लिखा, “सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। शहर भर में अभी भी हजारों प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। क्या सरकार की प्रतिक्रिया केवल पुलिस की बर्बरता तक ही सीमित रहेगी?”
अभिजीत दीपके बोले- पुलिस का रवैया बर्बरतापूर्ण
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पीटीआई को बताया, “पुलिस का रवैया बेहद क्रूर रहा है। उन्होंने यहां प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों के सिर फोड़ दिए हैं। यहां तक कि एक 15 वर्षीय लड़की को भी एक पुरुष पुलिसकर्मी ने बेरहमी से पीटा। उस पुरुष पुलिसकर्मी ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि वांगचुक के बाल खींचने की कोशिश भी की। उन्होंने उन पर लाठीचार्ज करने की कोशिश की और उन्हें टेम्पो से बाहर खींचने का प्रयास किया।”
अखिलेश यादव बोले- सरकार को इतने बड़े विरोध प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी
सीजेपी की संसद मार्च पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “सरकार ने इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के आने की उम्मीद नहीं की थी। यह एक बड़ी विफलता है, जिसके कारण लोग यहां जमा हुए हैं। आप (सरकार) NEET परीक्षा ठीक से आयोजित करने में असमर्थ हैं, और आयोजित परीक्षा में हुई अनियमितताओं में भाजपा सदस्य भी शामिल थे। यहां तक कि दोबारा आयोजित परीक्षा भी जांच के दायरे में है।”
सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर आया दिल्ली पुलिस का बयान
सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस के पीआरओ राजीव रंजन ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा, "दिल्ली पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील करती है। सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करें । किसी भी गैर-कानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा दिए गए कानूनी निर्देशों का पालन करें।"
दिल्ली पुलिस ने कहा, "जनता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अफवाहों, गलत जानकारी या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं। नागरिकों से अनुरोध है कि वे जानकारी के विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें और शांति, सद्भाव व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का सहयोग करें।"
नड्डा से मिलने के बाद सीजेपी नेता सौरव दास के बदले तेवर, बोले आंदोलन जारी रहेगा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "हम जेपी नड्डा से दो बार मिले। मुलाकात के दौरान हमने अपनी तीन मांगें रखीं। पहली, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए। दूसरी मांग ये कि हम मांग करते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें; उन्हें या तो मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए या वे स्वेच्छा से इस्तीफा दें। उनका इस्तीफा मिलने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। तीसरी ये कि हम NEET परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करते हैं, जिनमें से 20 से अधिक ने अपनी जान गंवाई है। हमने इन मांगों के संबंध में जेपी नड्डा से संपर्क किया।"
सपा सांसद कही डेढ़ घंटे तक पुलिस हिरासत में रखे जाने की बात
समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कहा, "समाजवादी पार्टी के सांसदों ने तीन घंटे तक संघर्ष किया। पुलिस स्टेशन में उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक हिरासत में रखा गया। हम जंतर-मंतर भी गए ताकि देश भर से आए छात्रों और युवाओं को आश्वस्त कर सकें कि हम सड़कों से लेकर संसद तक हर तरह से उनके साथ खड़े हैं। मैं पुलिस की कार्रवाई, विशेष रूप से लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करता हूं, जो निश्चित रूप से सरकार के इशारे पर हुआ होगा। देश के युवाओं, राष्ट्र के भविष्य की प्राथमिक चिंता है, फिर भी सरकार अन्य मामलों को प्राथमिकता देते हुए इसे नजरअंदाज कर रही है। यह हमारी समझ से परे है।"
गौरव गोगोई ने सरकार की कार्रवाई को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
संसद परिसर में प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी दल लगातार इसे छात्रों की आवाज दबाने की नीति के तौर पर पेश कर रहे हैं।
अभी भी तनावपूर्ण हैं हालात
दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच जमीनी हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। जनपथ और टॉल्स्टॉय मार्ग के चौराहे पर पुलिसकर्मियों की संख्या कम पड़ गई है और पुलिसकर्मियों व प्रदर्शनकारियों समेत कई लोग घायल हो गए हैं।
जेपी नड्डा से हुई की सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सीजेपी नेता सौरभ दास ने X पर बताया कि धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे या बर्खास्तगी सहित कई मांगें रखी गई हैं। उन्होंने कहा, “मंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि वे इस मामले पर उचित स्तर पर चर्चा करेंगे। हालांकि, अभी तक कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई गई है।”
गुरुद्वारे में घुसे सीजेपी के प्रदर्शनकारी
सीजेपी प्रदर्शनकारी पुलिस से बचने के लिए गुरुद्वारा बंगला साहिब के अंदर चले गए। इसको लेकर प्रदर्शनकारियों और गुरुद्वारा अधिकारियों का कहना है कि लाठीचार्ज से बचने के लिए गेट नंबर 1 से गुरुद्वारे के अंदर आए थे, लेकिन उन्हें गुरुद्वारा अधिकारियों ने बाहर निकाल दिया।
केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
दिल्ली पुलिस द्वारा सीजेपी के प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा, “मैं इस समय पंजाब में हूं और सोशल मीडिया पर देख रहा हूं कि देश भर से इतने सारे लोग और युवा इकट्ठा हुए हैं। जंतर-मंतर, करोल बाग और कनॉट प्लेस खचाखच भरे हुए हैं। वहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है और उन्हें संसद तक मार्च करने से रोका जा रहा है। यह गलत है। युवा कहां जाएं? पहले तो आप उनके परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने देते हैं। फिर जब परीक्षा दोबारा आयोजित की जाती है, तो मूल्यांकन प्रक्रिया में खामियां पाई जाती हैं। जब वे अपनी शिकायतें उठाते हैं, तो कोई उनकी नहीं सुनता। ये छात्र कहां जाएं? उनका भविष्य बर्बाद हो गया है।”
पुलिस हिरासत में नहीं अभिजीत दीपके - दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने उन दावों का खंडन किया है जिनमें सीजेपी नेता सौरव दास ने कहा था कि अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने कहा है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक खबरें फैल रही हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह स्पष्ट किया जाता है कि ये आरोप पूरी तरह से झूठे हैं और वे मंच पर मौजूद हैं।
भीड़ को लगातार तितर-बितर कर रही पुलिस
कनॉट प्लेस में सुरक्षाबल भीड़ को तितर-बितर कर रही है। फिलहाल मध्य दिल्ली में कई जगहों पर अभी भी भारी ट्रैफिक जाम की खबरें हैं।
अभिजीत दीपके को हिरासत में नहीं लिया गया
पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को हिरासत में नहीं लिया गया है और न ही गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, दास का कहना है कि केरल हाउस के बाहर भारी भीड़ जमा है। दास ने ट्विटर पर लिखा, "दीपके को हिरासत में नहीं लिया गया है और न ही गिरफ्तार किया गया है। केरल हाउस के बाहर अभी भी भारी भीड़ है।"
जेपी नड्डा से सीजेपी के प्रवक्ता ने की मुलाकात
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि 2 घंटे से अधिक इंतजार के बाद आशुतोष रांका और अभी हाल ही में मेरी जेपी नड्डा जी से उनके आवास पर दस मिनट की मुलाकात हुई। हमने अपनी मांगों को लेकर एक लिखित पत्र सौंप दिया है, और उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि इस बीच वे आंतरिक रूप से बात करेंगे। हम इस प्रक्रिया में हैं। बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों आदि की खबरें आ रही हैं।
बच्चों पर आंसू गैस के गोले दाग रहे हैं - प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर कहा, "समस्याएं हैं; बड़े-बड़े मुद्दे हैं। बताइए, आप उन पर चर्चा करने को भी तैयार नहीं हैं, लेकिन बच्चों पर आंसू गैस के गोले दाग रहे हैं और उन्हें पीट रहे हैं? किसलिए? ये हमारे बच्चे हैं।"
यह किस तरह की सरकार है- रेणुका चौधरी
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा, "संसद का सत्र चल रहा है और आप बच्चों पर आंसू गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या सरकार इसी तरह काम करती है? सदन के अंदर उन्होंने हमारा व्हाट्सएप ब्लॉक कर दिया और गेट बंद कर दिए। यह किस तरह की सरकार है? संसद बच्चों की भी है। संविधान द्वारा प्रदत्त उनका अधिकार है।"
दिल्ली पुलिस ने गीतांजलि जी के बाल खींचे- सौरव दास
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "दिल्ली पुलिस ने गीतांजलि जी के बाल खींचे और उन पर हमला किया। एक 12 वर्षीय लड़की का सिर फोड़ दिया गया है। 40-50 अन्य लोगों के भी सिर फोड़े गए हैं!"
आपको खुद चुनाव लड़ना चाहिए- कंगना रनौत
भाजपा सांसद कंगना रनौत कहती हैं, "हमारे संसदीय सत्र विशेष रूप से सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने और प्रासंगिक प्रश्न उठाने के लिए होते हैं। इस तरह हंगामा करना, व्यवधान उत्पन्न करना और विरोध प्रदर्शन करना उचित नहीं है। जनता ने सरकार चुनी है, और यह उनका अधिकार है कि वे तय करें कि वे सरकार कैसे चलाएंगे। अगर आपको इतना ही लगता है, तो आपको खुद चुनाव लड़ना चाहिए। आप सरकार पर दबाव डालकर यह तय नहीं करवा सकते कि किसे बर्खास्त करना है और किसे रखना है; इस तरह का दबाव स्वीकार्य नहीं है। धीरे-धीरे, हर कोई भारतीय जनता पार्टी और सनातन संस्कृति की शरण लेगा क्योंकि यह हमारी अपनी संस्कृति है, जबकि बाकी सब कुछ दुनिया से उधार लिया गया है।"
अभिजीत दीपके हिरासत में
CJP का कहना है कि संसद तक विरोध मार्च के दौरान पुलिस ने अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया है।
युवा मोदी जी का अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे- केजरीवाल
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि हमारे बच्चों पर लाठी चार्ज कर रहे हैं, आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि मोदी जी ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा व्यवस्था ठीक करने की बजाय देश के युवाओं पर सीधे हमला बोल दिया है। युवा मोदी जी का अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
समाजवादी पार्टी ने डिंपल यादव की हिरासत की निंदा की
नीट पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान लोकसभा सांसद डिंपल यादव को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। समाजवादी पार्टी ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में लोकसभा सांसद डिंपल यादव की हिरासत की निंदा की। पार्टी ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की भी आलोचना करते हुए पुलिस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक और निंदनीय बताया।
सीजेपी के सात प्रदर्शनकारी हिरासत में
संसद के पास रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के निकट सीजेपी के कम से कम सात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
हमने छात्रों से कहा कि हम उनके साथ- सपा सांसद
सपा सांसद छोटेलाल सिंह खरवार ने कहा, "हमने छात्रों से कहा कि हम उनके साथ हैं। सपा छात्रों के साथ तब तक खड़ी रहेगी जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। पेपर लीक किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
इन युवाओं को सुनने का समय आ गया है- सिसोदिया
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा, "ये वही युवा हैं जिनके बारे में पीएम मोदी बात करते हैं। अब ये सड़कों पर हैं, सुनने का समय आ गया है।"
बाहर बच्चों की पिटाई हो रही है- अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, "हमारे सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है जबकि बाहर बच्चों की पिटाई हो रही है। यह कैसी सरकार है? आप बच्चों की बात सुनना नहीं चाहते। अगर NEET परीक्षा हुई और उसमें अनियमितताएं हुईं, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? किसकी विश्वसनीयता दांव पर लगी है? तैयारी करने की जिम्मेदारी किसकी थी? आप खुद को 'विश्वगुरु' कहते हैं; आप दावा करते हैं कि दुनिया 'अमृत काल' में है, फिर भी आप अपने ही मंत्रियों को नहीं हटा सकते... आपने न तो नौकरियां दी हैं और न ही रोजगार। अगर नौकरियां दी गई होतीं, तो क्या बच्चे सड़कों पर उतरते? अभी सबसे अहम सवाल यह है कि NEET के छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और यहां आए प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए। जब लोग विरोध प्रदर्शन पर बैठे, तब अंग्रेजों ने उनकी बात सुनी। इसीलिए आज गांधी जी को पूरी दुनिया में पूजा जाता है। उन्होंने विरोध का मार्ग दिखाया। जिस तरह से प्रदर्शनकारियों को हटाया जा रहा है। उम्मीद है कि सरकार का अंत 'सम्मानजनक विदाई' के साथ न हो।"
