दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने सरकार और उसके नुमाइंदों को घेरा है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने मांग की कि बिल्डिंग मालिक और उसके राजनीतिक कनेक्शन की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही सरकार के सामने सात मांगें भी रखी हैं।

इस घटना में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है और कई का अभी भी इलाज चल रहा है। इधर सरकार ने कई अधिकारियों को मामले में सस्पेंड कर दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी केंद्र, एमसीडी, दिल्ली पुलिस और एनएचआरसी को नोटिस भेजा है।

सीजेपी ने की सात मांग

सौरव दास ने कहा, “यह दुखद घटना इसलिए हुई क्योंकि कोई जवाबदेही नहीं है। ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं। आज दिल्ली हाई कोर्ट ने भी कहा कि ऐसी घटनाएं हर साल होती हैं। फिर आप देखते हैं कि सरकार में बैठे लोग अचानक कुछ फैसले लेते हैं। एक-दो महीने बाद मामला ठंडा पड़ जाता है और आखिरकार खत्म हो जाता है। कोई जवाबदेही तय नहीं होती। इसलिए, कॉकरोच जनता पार्टी सात मांगें रख रही है।

  • पहली मांग है कि एक स्वतंत्र आपराधिक जांच होनी चाहिए। न केवल इस घटना की, बल्कि PG मालिकों, राजनेताओं और अन्य तत्वों के बीच बने बड़े नेक्सस (सांठ-गांठ) की भी जांच होनी चाहिए।
  • दूसरी मांग है कि सरकार को दिल्ली और पूरे देश में सभी इमारतों का इंजीनियरिंग-ग्रेड स्ट्रक्चरल ऑडिट करना चाहिए, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों और उन जगहों पर खास ध्यान दिया जाए जहां छात्र पढ़ते और रहते हैं। देश का भविष्य हमारे युवा हैं। उन्हें सुरक्षित माहौल देना सभी का कर्तव्य है।
  • तीसरी मांग उन 13 जिला समितियों के बारे में है जो हौज रानी घटना के बाद बनाई गई थीं। उनका काम ऐसी सभी इमारतों का ऑडिट करना, सरकार को रोजाना और साप्ताहिक रिपोर्ट भेजना और नियमों को लागू करना था। ऐसा नहीं हुआ। तीन महीने बीत चुके हैं और समिति निष्क्रिय हो गई है। हमने जांच की और काम नहीं हुआ है। इसलिए, इन समितियों के सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने चाहिए, जिसमें यह भी शामिल हो कि कितने सर्वे किए गए, कितनी इमारतें सील की गईं, क्या कार्रवाई की गई, सदस्य कौन थे और समितियों ने कब काम किया। ये सभी रिकॉर्ड 48 घंटों के भीतर सार्वजनिक किए जाने चाहिए। छात्रों और जिन परिवारों के बच्चे मारे गए, उन्हें ये रिकॉर्ड देखने का अधिकार है।
  • चौथी मांग है कि एक सार्वजनिक रूप से खोजने योग्य डेटाबेस बनाया जाए जहां कोई भी छात्र ऑनलाइन जाकर देख सके कि किन PG के पास ज़रूरी सुरक्षा प्रमाण पत्र और मंज़ूरी है और वे सभी नियमों का पालन कर रहे हैं।
  • हमारी पांचवीं मांग है कि चूंकि DU में केवल लगभग 7,000 छात्रों के लिए आवास है जबकि लाखों छात्र हैं, इसलिए सरकार को हॉस्टल बनाने चाहिए। इन्हें एक निश्चित समय-सीमा के भीतर बनाया जाना चाहिए।
  • छठी मांग मुआवज़े की है। इस दुखद घटना में जिन बच्चों की मौत हुई, उनके सभी परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवज़ा दिया जाना चाहिए। जो घायल हुए, उन्हें भी मुआवज़ा दिया जाना चाहिए।” …हर एक के लिए ₹20 लाख, एक तय समय-सीमा के अंदर।
  • और आखिर में, हमारी सबसे अहम मांग है मंत्रियों की जवाबदेही। आशीष सूद दिल्ली के शहरी विकास और योजना मंत्री के साथ-साथ शिक्षा मंत्री भी हैं। उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए क्योंकि यह सब उनके विभाग के तहत हो रहा है। उनके विभाग के तहत बनी 13 कमेटियां बेकार हो चुकी हैं और काम नहीं कर रही हैं। इसलिए, उनकी जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।”

‘कॉकरोच की तरह जीने के लिए छोड़ दिया है’

सौरव दास ने आगे कहा, “असल में, सरकार में बैठे लोगों ने युवाओं को कॉकरोच की तरह जीने के लिए छोड़ दिया है, और इसीलिए आज युवा जाग गए हैं। वे जागरूक हैं, वे जवाब मांग रहे हैं, और जब वे जवाब मांगते हैं, तो उन्हें ‘नाराज़ फूफा’ का ठप्पा दिया जाता है। उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ कहा जाता है। तो फिर, वे किससे जवाब मांगेंगे?”

CJP प्रवक्ता ने कहा, “हमें यह भी पता चला कि सत्य निकेतन में कई PG चल रहे हैं। साथ ही, चश्मदीदों के मुताबिक, MCD ने खुद एक नोटिस लगाया था जिसमें कहा गया था कि बिल्डिंग असुरक्षित है। इसके बावजूद, वहां निर्माण कार्य चल रहा था। तब भी, बच्चों को वहां से निकाला नहीं गया या जगह खाली करने के लिए नहीं कहा गया, और इतने सारे बच्चों के रहने के बावजूद PG चलते रहे।”

‘बिल्डिंग मामले के राजनीतिक कनेक्शन की भी हो जांच’

सौरव दास ने कहा, “आपके (मीडिया) माध्यम से हम यह भी पूछना चाहते हैं कि क्या यह PG माफिया और जो नेक्सस (गठजोड़) काम कर रहा है, वह बिना राजनीतिक संरक्षण के चल सकता है? उस नेक्सस की भी जांच होनी चाहिए। मालिक के कनेक्शन और वह किन राजनीतिक नेताओं से जुड़ा है, इसकी भी जांच होनी चाहिए। हमारी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की टीम कल वहां गई थी और तब से वहीं है। हम अपने सीमित संसाधनों से जो भी मदद कर सकते हैं, वह कर रहे हैं।”

यह भी पढ़ें: सत्य निकेतन हादसा: भिवाड़ी से पकड़ा गया बिल्डिंग का मालिक, MCD के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारी निलंबित

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम के 5 अधिकारियों को सीएम रेखा गुप्ता ने निलंबित कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ इमारत के मालिक हरिराम बंसल को पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी में पकड़ लिया है। पुलिस उसे भिवाड़ी से नई दिल्ली लेकर आ रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें