कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 24 अगस्त को अपनी नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई है। इसमें विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं से किए गए वादों पर केंद्र सरकार के रुख को लेकर बातचीत की जाएगी। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने अपने समर्थकों से कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे एक और शांतिपूर्ण देशव्यापी आंदोलन के लिए तैयार रहें।

सीजेपी ने 25 जुलाई को अपना देशव्यापी आंदोलन केंद्र के वादे के बाद वापस ले लिया था, केंद्र ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने या रद्द करने, भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने और नीट पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने का भरोसा दिया था। सीजेपी ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि केंद्र उन वादों को पूरा करने में नाकाम रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगी केंद्र से लिस्ट

सीजेपी प्रवक्ता के रविवार को जारी बयान के मुताबिक, 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार से तीन बार देश भर में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की एक लिस्ट देने को कहा। इस सूची से कोर्ट को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करके इन मामलों को एक साथ रद्द करने पर विचार करने में मदद मिलेगी। CJP के अनुसार, बार-बार पूछे जाने के बावजूद, केंद्र सरकार ने पूरी लिस्ट देने का कोई वादा नहीं किया।

केंद्र अपने वादों से पीछे हटने की कोशिश करती दिख रही

सुनवाई के बाद हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, CJP के प्रवक्ता सौरव दास और लीगल अफेयर्स लीड रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं से किए गए उन वादों से पीछे हटने की कोशिश करती दिख रही है, जो आंदोलन वापस लेने के बदले में किए गए थे।

सीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा कि वादों में विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी सभी FIR को वापस लेना या रद्द करना, और इस बात की गारंटी शामिल थी कि भविष्य में किसी भी छात्र या शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

युवाओं के साथ विश्वासघात

सीजेपी ने कहा, “अब इन वादों को कमजोर करने, उनमें देरी करने, उनका नया मतलब निकालने या उनका सम्मान न करने की कोई भी कोशिश भरोसे का ऐसा उल्लंघन होगी जिसे मंजूर नहीं किया जा सकता।” सीजेपी ने ऐसे कदम को देश के युवाओं के साथ “विश्वासघात” बताया।

सौरव दास ने यह भी कहा कि जिस सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी के साथ बातचीत की थी, उसने वादा किया गया लिखित आश्वासन देने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में औपचारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी। इन घटनाक्रमों को देखते हुए, CJP की नेशनल वर्किंग कमेटी 24 अगस्त को बैठक करेगी ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके और आगे की कार्रवाई तय की जा सके।

भरोसे को कमजोरी न समझे केंद्र- सीजेपी

सौरव ने आगे कहा कि सभी विकल्प खुले रहेंगे, जिसमें एक और शांतिपूर्ण देशव्यापी आंदोलन भी शामिल है, अगर सरकार अपने वादे पूरे नहीं करती है।

पार्टी ने कहा, “CJP ने अच्छे विश्वास के साथ अपना आंदोलन वापस लिया था क्योंकि भारत सरकार ने देश के युवाओं को वचन दिया था। हमारे भरोसे को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।”

CJP ने देश भर के छात्रों, युवा नागरिकों, समर्थकों और स्वयंसेवकों से संगठन के अगले कदम के लिए तैयार रहने का आग्रह किया।

सीजेपी प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि उसके विरोध प्रदर्शनों के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन उसने कहा कि वह अपना अभियान तब तक जारी रखेगी जब तक युवा पीढ़ी से किए गए सभी वादे पूरे नहीं हो जाते।

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कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल पर कुछ लोगों ने हमला किया था। इसके कुछ दिनों बाद राजस्थान सरकार ने शनिवार को विवादों के केंद्र में स्थित स्कूल में एक नए भवन के लिए 18 लाख रुपये की मंजूरी दी। इसका निर्माण एक सितंबर से शुरू होने वाला है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें