Sourav Das on PM Modi Dimagi Naxal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एसआरसीसी में संबोधन के दौरान विपक्षी दलों और आलोचना करने वालों के खिलाफ आक्रामक हमला था। इसको लेकर अब कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास ने प्रधानमंत्री से दिमागी नकस्ल वाले बयान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी मोदी युवा और जिज्ञासु पीढ़ी को ‘दिमागी नक्सल’ करार देने के बजाय वे स्कूलों के बंद होने, नौकरियों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर बात कर सकते थे।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान ही लाल किले से पहली बार ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का प्रयोग किया था। X पर लिखते हुए सौरव दास ने प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हुए कहा, “भारत के प्रमुख कॉलेजों में जाकर एक बार फिर युवा, जिज्ञासु पीढ़ी को ‘दिमागी नक्सल’ कहना किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा किए जा सकने वाले सबसे शर्मनाक कृत्यों में से एक है। और वह भी शिक्षक दिवस पर।”

सौरव दास ने पीएम मोदी से क्या-क्या कहा?

सौरव दास ने पीएम मोदी ने कहा, “वे इस बारे में बात कर सकते थे कि एसआरसीसी के शिक्षकों को चिकित्सा और बाल देखभाल अवकाश से इनकार किए जाने के विरोध में प्रदर्शन क्यों करना पड़ा। वे एसआरसीसी के छात्रों को जर्जर हो रही बेहतर अवसंरचना का वादा कर सकते थे। वे छात्रों द्वारा सामना किए जा रहे अत्यधिक प्रतिस्पर्धा के दबाव को स्वीकार कर सकते थे।”

सीजेपी नेता सौरव दास ने कहा, “वे एक दशक में बंद हुए लगभग 1 लाख स्कूलों के बारे में भी बात कर सकते थे। लगभग 9 करोड़ युवा भारतीय बिना नौकरी, बिना शिक्षा और बिना प्रशिक्षण के फंसे हुए हैं। लगभग 73% छात्र उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरी करने से पहले ही स्कूल छोड़ देते हैं। वे पिछले 12 वर्षों में अपनी ही सरकार द्वारा शिक्षा बजट में आधी कटौती करने का जवाब भी दे सकते थे! लेकिन उन्होंने इनमें से किसी का भी जिक्र नहीं किया।”

पीएम मोदी ने दिमागी नक्सल पर बोला था हमला

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘दिमागी नक्सलियों’ का वर्णन करने के लिए होम्योपैथी की उपमा देते हुए कहा कि जिस तरह होम्योपैथी की दवा पहले बीमारी को ठीक करने से पहले उसे और बढ़ा देती है, ठीक वैसा ही ‘दिमागी नक्सलियों’ के साथ हो रहा है। उन्होंने कहा, “आपने लाल किले से मेरा भाषण सुना होगा। मैंने लाल किले से एक होम्योपैथिक गोली दी थी, ‘दिमागी नक्सल’।

सौरव दास ने कहा, “होम्योपैथी के सिद्धांतों के अनुसार जब आप होम्योपैथिक उपचार शुरू करते हैं, तो बीमारी शुरू में और बिगड़ जाती है। यही होम्योपैथी का स्वभाव है। इसी तरह, जैसे ही मैंने ‘दिमागी नक्सल’ होम्योपैथिक गोली दी, सारे ‘दिमागी नक्सल’ एक के बाद एक सामने आने लगे। और अब जनता भी इस बीमारी को बढ़ावा देने वालों का असली चेहरा देख रही है।”

कामकाज का किया जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में एक दौर ऐसा था जब भारत को हर फ्रंट पर चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। जो लोग कभी आतंक फैलाते थे, वे आज चुप हो गए हैं। अगर पाकिस्तान कोई गलत काम करता है, तो भारतीय सेना उन्हीं की जमीन पर जवाबी हमला करती है।

पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से लेकर नॉर्थ ईस्ट तक शांति है। देश में माओवाद खत्म हो गया है। दुनिया कभी भारत की पॉलिसी पैरालिसिस को लेकर परेशान थी। आज वही दुनिया भारत की पॉलिटिक्स डाइनैमिज्म की बात कर रही है।

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शिक्षक दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। पीएम मोदी ने यहां GenZ छात्रों को संबोधित करते हुए इस कॉलेज को देश का ऐतिहासिक कॉलेज बताया। पीएम मोदी ने कहा कि आज का ये अवसर श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के लिए बहुत ऐतिहासिक है। पीएम ने कहा कि SRCC का हिस्सा रही अनेक पीढ़ियां एक साथ जुटी हैं। मैं आप सभी को SRCC के इस शताब्दी समारोह के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। पढ़िए पूरी खबर…