कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) जल्द फिर से प्रदर्शन शुरू करने का प्लान बना सकती है। सीजेपी के संस्थापक ने मंगलवार को सरकार को यह चेतावनी दी है। सीजेपी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए छात्रों को प्रताड़ित कर रही है। CJP की यह चेतावनी सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के कुछ घंटों बाद आई, जिसमें कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया था कि वे देश भर में पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए 18 साल से कम उम्र के सभी छात्रों और बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड वाले छात्रों को रिहा करें।
सीजेपी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस लेने का अपना वादा पूरा नहीं किया, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि दिल्ली के जंतर-मंतर और अन्य राज्यों में CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी FIR के मामले में कोई कड़ी कार्रवाई न की जाए।
सरकार को छात्रों को निशाना बनाना बंद करना चाहिए- अभिजीत दीपके
सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने पोस्ट किया, “अगर पुलिस की तरफ से छात्रों को परेशान करना जारी रहा, तो कॉकरोच जनता पार्टी जल्द ही एक बड़े शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के जरिए जवाब देगी। सरकार को छात्रों को निशाना बनाना और उन्हें परेशान करना बंद करना चाहिए।”
CJP ने एक अन्य बयान में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के एक हिस्से पर चिंता प्रकट की, जिसके आधार पर सरकारों को मौजूदा FIR और जांच जारी रखने की इजाजत मिल रहा है। बयान में यह भी कहा गया, “CJP के विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश पूरे देश के लिए खतरे की घंटी होना चाहिए।”
बयान में कहा गया, “यह निर्देश उस भरोसे के खिलाफ है जो केंद्र ने 25 जुलाई को दिया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शिकायत वापस ले ली जाएंगी और किसी भी छात्र के खिलाफ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।”
संगठन ने कहा कि उसने यह भरोसा मिलने के बाद ही अपना विरोध प्रदर्शन वापस लिया था और अब उसे डर है कि केंद्र और BJP शासित राज्य कोर्ट के आदेश का इस्तेमाल अलग-अलग प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्रिमिनल केस जारी रखने के लिए कर सकते हैं।
कोर्ट के सामने केंद्र ने नहीं रखे वादे
CJP ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार के वकीलों ने संगठन के साथ हुई सहमति के बारे में सुप्रीम कोर्ट को क्यों नहीं बताया, जबकि सोमवार देर रात तक बातचीत जारी थी। CJP ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश को “पूरी तरह से अस्वीकार्य” बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार को उन वादों के बारे में पता था जो उसने प्रदर्शनकारी छात्रों से किए थे, लेकिन वह उन्हें कोर्ट के सामने रखने में नाकाम रही।
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कॉकरोच जनता पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक्शन न लेने के अपने वादे से पीछे हटती है तो वह दोबारा अपना धरना-प्रदर्शन शुरू कर देगी। हालांकि दूसरी तरफ सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सरकार के वादे में कभी भी हिंसा के आरोपी या आपराधिक बैकग्राउंड वाले लोगों को शामिल नहीं किया गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
