फ्रांस के पेरिस स्थित एफिल टावर में एक हिंदू धार्मिक समूह ने दौरा किया। इस दौरान महिला कर्मचारियों को कथित तौर पर उनके वर्कप्लेस से हटाए जाने के विवाद पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है। दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि धर्म के संरक्षक ऐसे पुरुषों को नहीं बनाया जाना चाहिए जो महिलाओं की स्वतंत्रता और अधिकारों पर पहरा लगाते हैं।
दीपके ने लिखा, ”पिछड़ी सोच वाले पुरुषों को धर्म का संरक्षक (कस्टोडियन) ना बनने दें।” कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक दीपके ने अपने X अकाउंट पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि जो लोग आस्था के नाम पर महिलाओं को नियंत्रित करते हैं, नैतिकता थोपते हैं और दूसरों की स्वतंत्रता छीनते हैं, वे धर्म और देश दोनों के लिए शर्मिंदगी का कारण बनेंगे।
क्या है एफिल टावर विवाद?
आपको बता दें कि शनिवार को करीब 100 सदस्यों वाले BAPS से जुड़े एक प्रतिनिधिमंडल के एफिल टावर दौरे के बाद सामने आया। एक यूनियन प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि प्रतिनिधिमंडल के गुजरने के दौरान महिला कर्मचारियों को उनके कार्यस्थलों से हटा दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों के विरोध के चलते एफिल टावर को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा।
एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी SETE ने माना कि प्रतिनिधिमंडल की ओर से महिलाओं के साथ बातचीत सीमित करने जैसी व्यवस्थाओं का अनुरोध किया गया था। कंपनी ने कहा कि ऐसी शर्तों को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था।
मामले पर पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोआर और फ्रांसीसी नेशनल असेंबली की अध्यक्ष याएल ब्रॉन-पिवे ने भी नाराजगी जताई। वहीं पेरिस स्थित BAPS हिंदू मंदिर ने किसी भी तरह की परेशानी के लिए माफी मांगते हुए कहा कि वह मामले को गंभीरता से लेता है और आपसी सम्मान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है।
पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोआर ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नाराजगी जायज है और लैंगिक भेदभाव किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उनका कहना है कि महिला और पुरुष, दोनों को बिना किसी भेदभाव के काम करने और सार्वजनिक स्थानों पर स्वतंत्र रूप से आने-जाने का अधिकार है।
दिल्ली में मणिपुर के टीचर की मौत पर CJP संयोजक अभिजीत दीपके का पुलिस पर निशाना
दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार और म्यूजिक टीचर चोंगथाम विक्रम सिंह की पिटाई से हुई मौत की घटना पर अभिजीत दीपके ने सवाल उठाए है। कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक दीपके ने दिल्ली में कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
