कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके मंगलवार को महाराष्ट्र के हिंगोली में एक स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। यह उनके संगठन के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का हिस्सा है। यहां मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि जिस स्कूल के बाहर वो धरने पर बैठे हैं, उसका प्रिंसिपल स्कूल में बच्चों के सामने शराब पीता है।

अभिजीत दीपके ने मीडिया से कहा, “यहां पर जो प्रिंसिपल आ रहे थे, दारू पीकर आ रहे थे, बच्चों के सामने दारू पीते थे। इसी क्लास में छोटी-छोटी बच्चियों के सामने दारू पीकर सो जाते थे। उसके लिए हमने कहा था कि अगर उन्होंने नहीं हटाया जाता है तो हम आंदोलन करेंगे… आज हम आंदोलन पर बैठे हैं… लेकिन अभी-अभी पता चला है कि उस प्रिंसिपल को हटाया गया है। ये बहुत बड़ी जीत है। इन गांव वालों की जीत है।”

उन्होंने आगे कहा कि गांव वालों का आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। उनकी दो और डिमांड है। उन्होंने कहा, “…अभी भी आंदोलन खत्म नहीं हुआ है क्योंकि अभी और डिमांड हैं। दो और टीचर चाहिए, जब तक दो और टीचर नहीं मिलेंगे, तब तक गांव वाले पीछे नहीं हटेंगे और तब तक गांव वाले यहीं बैठे रहेंगे और मैं गांव वालों के साथ यहीं बैठा रहूंगा।”

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के काम पर उठाया सवाल

शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर निशाना साधते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि सीजेपी पूरी देश में आंदोलन कर रही है। जहां-जहां सरकारी स्कूलों में बेंच नहीं है, वहां बेंच की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों को दी गई, वे यह काम नहीं कर पाए।

अभिजीत दीपके ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकारी स्कूलों में न पानी की व्यवस्था कर पाए, न डिजिटल क्लास की और न ही बेंचों की। उन्होंने कहा कि अगर इन अधिकारियों के बच्चों का एडमिशन सरकारी स्कूल में करवा दिया जाए तो उन्हें पता चलेगा कि सरकारी स्कूल के बच्चों को क्या झेलना पड़ता है।

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राजस्थान सरकार ने छात्रों की निजता का हवाला देते हुए सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटो-वीडियो लेने पर प्रतिबंध लगा दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।