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अवमानना में सजा: जस्टिस काटजू पर भी लिया था ऐक्शन, CJI ने कबूला- 20 साल में पहली बार दी सजा

सीजेआई गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच में जस्टिस एल नागेश्वर राव और संजीव खन्ना भी शामिल थे। तीनों ने ही सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव और कानूनी सलाहकार भासुरन एस को अवमानना का दोषी पाया था।

Author February 13, 2019 2:58 PM
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः प्रेम नाथ पांडे)

भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई का एक ‘कबूलनामा’ सामने आया है। यह बीते दिन मंगलवार के एक वाकये को लेकर है। सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव और कानूनी सलाहकार भासुरन एस को अदालत की अवमानना के मामले में दोषी ठहराया गया था। जिसे लेकर दोनों को कोर्ट में ही मिली सजा भुगतनी पड़ी थी। इसके बाद सीजेआई ने कबूला कि उनके 20 साल के लंबे करियर में यह पहली बार हुआ है, जब उन्होंने किसी को ऐसी सजा दी हो। दोनों को ही अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने पर दंडित किया गया था। हालांकि वह इससे पहले पूर्व जस्टिस काटजू पर भी ऐक्शन ले चुके हैं।

उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच में जस्टिस एल नागेश्वर राव और संजीव खन्ना भी शामिल थे। तीनों ने ही सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव और कानूनी सलाहकार भासुरन एस को अवमानना का दोषी पाया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद सीबीआई में ज्वाइंट डायरेक्टर अरुण कुमार शर्मा का तबादला करने को लेकर दोषी ठहराया गया। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को कोर्ट उठने तक वहीं बैठने की सजा सुनाई गई।

दोनों को ही सजा सुनाने के बाद जस्टिस काटजू ने स्वीकार किया कि, यह उनके करियर में पहली हुआ है। उन्होंने कहा, इससे पहले कभी भी किसी को कोर्ट की अवमानना को लेकर सजा नहीं सुनाई। जस्टिस काटजू ने कहा, उनका मानना है कि इसके जरिए न्यायालय की गरिमा नहीं बनाए रखी जा सकती। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने कहा, एम नागेश्वर राव और भासुरन एस का केस एकदम अलग है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के कई बाद दिए आदेशों की अवहेलना की गई। जिसके बाद उन्हें दोषी ठहराया गया।

इससे पहले अपने बयानों के चलते सुर्खियों में बने रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस काटजू पर भी एक्शन लिया गया था। यह मामला 11 नवंबर 2016 का था। उस वक्त भी सुनवाई के लिए बैठी बेंच की अध्यक्षता जस्टिस रंजन गोगोई ही कर रहे थे। उस दौरान काटजू पर जजों की व्यक्तिगत अलोचना को लेकर कार्यवाई की गई थी। काटजू ने केरल के सौम्या मर्डर केस को लेकर टिप्पणी की थी। जिसके बाद उनको नोटिस जारी की गई थी।

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