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नागरिकता संशोधन बिल का विरोध: असम, त्र‍िपुरा में और भड़की आग, 3 लोगों की मौत

Citizenship Amendment Bill 2019: बड़ी संख्या में लोग बिल का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। असम ही नहीं त्रिपुरा में भी लोग इस बिल का जमकर विरोध कर रहे हैं।

Author Edited By मोहित Updated: December 12, 2019 8:04 PM
असम में और तेज हुआ विरोध प्रदर्शन। फोटो: PTI

Citizenship Amendment Bill 2019: नागरिकता संशोधन बिल का पूर्वोत्तर के राज्यों में जमकर विरोध किया जा रहा है। असम में विरोध प्रदर्शन में शामिल तीन लोगों की गुरुवार (12 दिसंबर) को मौत हो गई। रॉयटर्स में छपी एक खबर के मुताबिक पुलिस के साथ हुई झड़प में पांच लोग घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया इनमें से तीन ने इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया।

गौहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक रामेन तालुकदार के मुताबिक सभी के शरीर में गोली लगी थी जिसमें से तीन की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस बीच बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन काफी तेज हो गया है। बड़ी संख्या में लोग बिल का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। असम ही नहीं त्रिपुरा में भी लोग इस बिल का जमकर विरोध कर रहे हैं।

वहीं असम के दस जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर लगाई गई रोक की अवधि को गुरुवार की दोपहर 12 बजे से 48 घंटे के लिए और बढ़ा दिया गया है। वहीं गुवाहाटी में बड़ी संख्या में लोग कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतरे और पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी। व्यापक विरोध प्रदर्शन के कारण विभिन्न विमानन कंपनियों ने राज्य के कई शहरों की उड़ानें को रद्द कर दी। वहीं रेलवे ने असम और त्रिपुरा आने-जाने वाली सभी यात्री ट्रेनों को निलंबित कर दिया और लंबी दूरी वाली ट्रेनों को गुवाहाटी में ही रोका जा रहा है।

Citizenship Amendment Bill Protests LIVE Updates: असम में और हिंसक हुआ विरोध प्रदर्शन

बता दें कि यह बिल संसद में पास हो चुका है। इसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थी – हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।

इस बिल के कानून बनने के बाद इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वोत्तर राज्यों विशेषकर असम पर पड़ेगा। इन राज्यों का कहना है कि पड़ोसी देशों से आने वाले शरणार्थी भारत के अन्य राज्यों के मुकाबले पूर्वोत्तर राज्यों में ही आकर बसने लगेंगे। इसके अलावा राज्य में पहले से मौजूद हजारों लोगों को नागरिकता मिल जाएगी।

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