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Citizenship Amendment Bill: असम और त्रिपुरा में उग्र प्रदर्शन, सेना उतारी गई

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी दागे। गुवाहाटी में बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शनकारियों को सचिवालय की ओर बढ़ते देखे जाने के बाद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।

हिंसा के मद्देनजर दोनों राज्यों के विभिन्न इलाकों में इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई हैं।

असम और त्रिपुरा समेत पूर्वोत्तर के विभिन्न इलाकों में नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में चल रहा प्रदर्शन उग्र हो गया है। जगह-जगह से धरना, प्रदर्शन, हिंसक संघर्ष की खबरें हैं। असम के गुवाहाटी ओर डिब्रूगढ़ और त्रिपुरा के मनु और कंचनपुर इलाकों में सेना उतारी गई है। हिंसा के मद्देनजर दोनों राज्यों के विभिन्न इलाकों में इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई हैं। गुवाहाटी में राज्य सचिवालय के पास आगजनी की खबरें हैं और प्रदर्शनकारियों ने कर्मचारियों को काम खत्म होने के बाद बाहर निकलने से रोक दिया है। गुवाहाटी से चलने वाली दूरगामी कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। गुवाहाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

इस विधेयक के विरोध में दिल्ली, अलीगढ़ समेत देश के कई अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन की खबरें हैं। पूर्वोत्तर में अप्रिय स्थिति के मद्देनजर जगह-जगह सेना को तैयार रहने के आदेश जारी किए गए हैं। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, सेना की एक-एक टुकड़ी को त्रिपुरा के कंचनपुर और मनु में तैनात किया गया है। असम के गुवाहाटी में दो टुकड़िया और डिब्रूगढ़ में एक टुकड़ी उतारी गई। बोंगाईगांव समेत कई अन्य इलाकों में सेना को तैयार रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में तैनाती के लिए केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में तैनात किए गए सीआरपीएफ के जवानों को वापस बुलाना शुरू कर दिया है। इन जवानों को असम भेजा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ की 10 कंपनियों को असम भेजा जा रहा है। इनमें से पांच कंपनियां पहुंच गई हैं। इनके अलावा मणिपुर के लिए रवाना की गई सात अन्य कंपनियों को असम जाने का निर्देश जारी किया गया है।

जगह-जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पों की खबरें हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी दागे। गुवाहाटी में बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शनकारियों को सचिवालय की ओर बढ़ते देखे जाने के बाद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। हिंसक झड़पों के दौरान छात्रों ने जीएस रोड पर अवरोधक को तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज किया। आंसू गैस के गोले भी दागे गए। असम के तिनसुकिया संभाग में कई संगठनों द्वारा रेल रोको अभियान के मद्देनजर भारतीय रेल ने कई ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया है। रेलवे ने इस वजह से 12 और 13 दिसंबर को 14 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। वहीं 10 ट्रेनों के परिचालन को आंशिक रूप से रोक दिया गया है। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प से अव्यवस्था का आलम है। गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और जोरहाट जैसे स्थानों पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

जोरहाट, गोलाघाट, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, शिवसागर, बोंगाईगांव, नगांव, सोणितपुर और कई अन्य जिलों में सुबह लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर निकले। सड़कों पर टायर जलाए गए हैं। वाहनों और ट्रेन की आवाजाही रोकने के लिए सड़कों और पटरियों पर लकड़ियों के कुंदे रख दिए गए हैं। डिब्रूगढ़ में चौलखोवा में रेलवे पटरियों और सड़कों से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज भी किया। जिले के मोरन में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और रबड़ की गोलियां चलाई गईं। चल रहे हंगामे के मद्देनजर गुवाहाटी विश्वविद्यालय, कॉटन विश्वविद्यालय और डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में बुधवार को होने वाली परीक्षाएं टाल दी गईं। कॉटन विश्वविद्यालय के छात्र सोमवार रात से ही राज्य की राजधानी में अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं। बुधवार की सुबह असम इंजीनियरिंग कॉलेज के भी छात्र उनके साथ आ जुड़े।

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