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CAA विवादः मोदी के मंत्री का निर्देश- पब्लिक प्रॉपर्टी को जो भी पहुंचाए नुकसान, उसे देखते ही मार दी जाए गोली; देखें VIDEO

दरअसल, मंगलवार को पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में अचानक हिंसा भड़क उठी। उपद्रवियों ने इस दौरान बसों पर पत्थरबाजी की, जबकि इससे पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय वाले प्रकरण में प्रदर्शन के दौरान भी खूब तोड़फोड़ हुई थी और सार्वजनिक संपत्तियों का नुकसान हुआ था।

Author Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली | Updated: December 17, 2019 9:46 PM
रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी। (फोटोः FB)

Citizenship Amendment Act (CAA) को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान तोड़फोड़, पथराव और आगजनी के चलते दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) और फिर सीलमपुर इलाके में काफी नुकसान हुआ है। पब्लिक प्रॉपर्टी के इसी नुकसान को लेकर मंगलवार को केंद्रीय रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी ने साफ-साफ कहा कि जो भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाए, उसे देखते ही गोली मार दी जाए।

दरअसल, मंगलवार को पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में अचानक हिंसा भड़क उठी। उपद्रवियों ने इस दौरान बसों पर पत्थरबाजी की, जबकि इससे पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय वाले प्रकरण में प्रदर्शन के दौरान भी खूब तोड़फोड़ हुई थी और सार्वजनिक संपत्तियों का नुकसान हुआ था।

इसी मसले पर मंगलवार को जब पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री से सवाल किए तो उन्होंने जवाब दिया- मैं जिला प्रशासन और रेल अधिकारियों को सख्त निर्देश देता हूं कि अगर कोई रेलवे समेत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाए, तो उसे वहीं पर गोली मार दी जाए।

बता दें कि CAB पर मंगलवार को असम और प.बंगाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहे। वहां हिंसा तो थम गई, पर सियासी बयानबाजी जारी रही। इसी बीच, पीएम मोदी ने कांग्रेस और उसके साथी दलों को सार्वजनिक रूप से यह ऐलान करने की चुनौती दी कि वे सभी पाकिस्तानियों को भारतीय नागरिकता देने को तैयार हैं।

उधर, संशोधित नागरिकता कानून पर बंगाल में जारी हिंसा और आगजनी की घटनाओं को ‘छिटपुट’ बताते हुए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि संसद में भाजपा के पास संख्या बल है तो इसका यह मतलब नहीं है कि वह राज्यों पर कानून लागू करने का दबाव बनाएगी।

पश्चिम बंगाल में आज पांचवें दिन भी प्रदर्शन जारी रहा और प्रदर्शनकारियों ने राज्य के कई हिस्सों में सड़क और रेल की पटरियां जाम कर दीं। कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं और कई देरी से चलीं। हालांकि, राज्य से हिंसा की कोई खबर नहीं है। असम में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने कई स्थानों पर आल असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) द्वारा आयोजित ‘जन सत्याग्रह’ जुलूस में भाग लिया।

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