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नागरिकता कानून: दिल्ली में भी तेज हुई विरोध की आग, छोड़ने पड़े आंसू गैस के गोले, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी

Citizenship Amendment Act: गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने 3 बसों समेत कई वाहनों में आग लगा दी। उग्र भीड़ को देखते हुए पुलिस ने न्यू फ्रेंड्स कालोनी की तरफ वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी।

नागरिकता कानून के खिलाफ दिल्ली में हुए बवाल के दौरान पत्थरबाजी करते लोग। (रायटर्स इमेज)

Citizenship Amendment Act: नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा आज शाम निकाला गया शांतिपूर्ण मार्च उग्र हो गया। जिसके चलते दक्षिणी दिल्ली के पॉश इलाके न्यू फ्रेंड्स कालोनी की सड़कों पर अराजकता देखने को मिली। दरअसल जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया तो हिंसा भड़क गई और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

वहीं गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने 3 बसों समेत कई वाहनों में आग लगा दी। उग्र भीड़ को देखते हुए पुलिस ने न्यू फ्रेंड्स कालोनी की तरफ वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। इसके साथ ही आसपास की कई अन्य सड़कों पर भी एहतियातन ट्रैफिक में फेरबदल किया गया। प्रदर्शनकारियों के हमले में दो फायरमैन, एक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं एक फायर इंजन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जंतर-मंतर की तरफ मार्च कर रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया। विरोध प्रदर्शन के चलते जामिया की तरफ जाने वाले मैजेंटा मेट्रो लाइन भी प्रभावित हुई है और कई स्टेशनों पर लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है।

एनडीटीवी के खबर के अनुसार, पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में लिया है। एक छात्र ने बताया कि हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इस प्रदर्शन में शामिल होकर इसे उग्र रूप दे दिया।

जामिया की वीसी नजमा अख्तर ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि “मैं छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील करती हूं। सब ठीक होगा, लेकिन जो छात्र कैंपस से बाहर हैं, हम उन्हें सुरक्षा नहीं दे सकते। जो भी कैंपस से बाहर जाएगा, उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उसकी खुद की होगी।”

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर हिंसा पर नाराजगी जाहिर की है। केजरीवाल ने लिखा कि किसी को भी हिंसा में शामिल नहीं होना चाहिए। किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने चाहिए।

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