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भारत ने चीनी ऐप के बाद पॉवर इक्वीपमेंट पर भी लगाया बैन, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने राज्यों को वीडियो कॉन्फ्रेन्स कर किया ताकीद

उन्होंने कहा, "काफी कुछ हमारे देश में बनता है, बावजूद इसके हम भारी मात्रा में बिजली उपकरणों का आयात कर रहे हैं। यह अब नहीं चलेगा। देश में 2018-19 में 71,000 करोड़ रुपये का बिजली उपकरणों का आयात हुआ जिसमें चीन की हिस्सेदारी 21,000 करोड़ रुपये है।"

Author Edited By प्रमोद प्रवीण नई दिल्ली | Updated: July 4, 2020 8:27 AM
RK Singh, Power equipment banकेंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह। फोटो- ट्विटर)

चीन के साथ LAC पर जारी गतिरोध के बीच, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने शुक्रवार (03 जुलाई) को कहा कि भारत अपने उत्तरी पड़ोसी देशों से अब किसी तरह का कोई बिजली उपकरण आयात नहीं करेगा। सिंह ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में अन्य राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों को संबोधित करते हुए कहा, “यह एक ऐसी चीज है जिसे हम बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं कि कोई देश हमारे क्षेत्र में स्थानांतरित हो जाएगा … हम चीन और पाकिस्तान से कुछ भी नहीं लेंगे। हम ‘prior reference’ वाले देशों से आयात की अनुमति नहीं देंगे क्योंकि उससे हम प्रभावित होते हैं। उन (चीन से आयात) में मैलवेयर या ट्रोजन हॉर्स हो सकता है, जिसे वे दूर से (हमारी बिजली प्रणालियों को अपंग करने के लिए) सक्रिय कर सकते हैं। ”

पूर्व संदर्भ (prior reference) देश वे हैं जहां से आयात के लिए सरकार से अग्रिम अनुमति की जरूरत होती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसी अनुमति चीन या पाकिस्तान को नहीं मिलेगी। सिंह ने कहा, ‘देश में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और महत्वपूर्ण बिजली आपूर्ति प्रणाली और नेटवर्क की सुरक्षा, अखंडता और विश्वसनीयता की रक्षा के लिए यह निर्णय लिया गया है।’

उन्होंने कहा, “काफी कुछ हमारे देश में बनता है, बावजूद इसके हम भारी मात्रा में बिजली उपकरणों का आयात कर रहे हैं। यह अब नहीं चलेगा। देश में 2018-19 में 71,000 करोड़ रुपये का बिजली उपकरणों का आयात हुआ जिसमें चीन की हिस्सेदारी 21,000 करोड़ रुपये है।” केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा, “दूसरे देशों से जो भी उपकरण आयात होंगे, उनका देश की प्रयोगशालाओं में पहले गहन परीक्षण होगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उसमें ‘मालवेयर’ और ‘ट्रोजन होर्स’ का उपयोग तो नहीं हुआ है। उसी के बाद उसके उपयोग की अनुमति दी जाएगी।”

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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के फैसले के बाद  यह सरकार द्वारा उठाया गया नवीनतम कदम है। आईटी मिनिस्ट्री ने  टिक टॉक और वी-चैट जैसे 59 चीनी मोबाइल ऐप पर पिछले दिनों बैन लगाया है। इनके अलावा सड़क, परिवहन और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने भी कहा है कि चीनी कंपनियों को सड़क परियोजनाओं के लिए बोली लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

चीन से आयात पर अंकुश लगाने के केंद्र के प्रयासों का उल्लेख करते हुए, मंत्री ने कहा कि सौर गियर आयात पर 20-40 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाया जाएगा। बता दें कि भारत की सौर ऊर्जा क्षमता का लगभग 75 प्रतिशत चीनी सौर मॉड्यूल पर बनाया गया है। यह चीन से शीर्ष -10 आयातित वस्तुओं में से एक है।

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