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धर्म आधारित राजनीति के लिए किया जा रहा है संविधान के धर्मनिरपेक्ष चरित्र का इस्तेमाल: सीआईसी

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने अवैध धार्मिक ढांचों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि धर्म आधारित राजनीति को बढ़ावा देने के लिए भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष चरित्र का इस्तेमाल किया जा रहा है..

Author July 20, 2015 17:56 pm

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने अवैध धार्मिक ढांचों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि धर्म आधारित राजनीति को बढ़ावा देने के लिए भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष चरित्र का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलू ने यह टिप्पणी सुबोध रावत की याचिका पर सुनवाई करते हुए की जिन्होंने रोहतक रोड पर यातायात के लिए समस्या बन रहे एक अवैध धार्मिक ढांचे को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा था।

आयुक्त ने कहा, ‘‘मौजूदा स्थिति यह है कि नागरिकों का जीवन और शांति यातायात खतरे के मुद्दे से अधिक महत्वपूर्ण है।’’

लोक निर्माण विभाग ने उन्हें सूचित किया कि धार्मिक ढांचे के मामले पर गहन चर्चा की गई है और धार्मिक समिति ने इसे हटाने की सिफारिश की है। उपराज्यपाल ने कानून व्यवस्था का आकलन करने का निर्देश दिया था लेकिन लोक निर्माण विभाग अतिक्रमण को हटाने के लिए दिल्ली पुलिस से मदद का इंतजार कर रहा है।

पक्षों को सुनने के बाद आचार्युलू ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति को दर्शाता है जहां प्रशासन को अवैध ढांचे को हटाने की अनुमति नहीं है क्योंकि यह एक धार्मिक ढांचा है जो कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्या पैदा कर सकता है।

सूचना आयुक्त ने कहा कि अपीलकर्ता को यह समझना होगा कि यद्यपि निराशाजनक विलंब है, लोकनिर्माण विभाग के लिए पुलिस की मदद के बिना यातायात को बाधित कर रहे ढांचे को गिराना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘आरटीआई अपीलकर्ता को यह भी समझना चाहिए कि भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को धर्म आधारित राजनीतिक को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और इसके लिए पीडब्ल्यूडी पर दबाव बनाने का कोई मतलब नहीं है।’’

आचार्युलू ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह एक महीने के भीतर पीडब्ल्यूडी विभाग और अपीलकर्ता को अवैध ढांचे को हटाने के संभावित समय और कार्यक्रम के बारे में जानकारी दे। उन्होंने कहा, ‘‘आयोग सिफारिश करता है कि दिल्ली प्रशासन, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश और धार्मिक समिति द्वारा 28 जनवरी 2015 को की गई सिफारिश के अनुसार दिल्ली की सड़कों से अवैध धार्मिक ढांचों को हटाने के मुद्दे पर काम करें।’’

आचार्युलू ने उल्लेख किया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल 2015 को निगम अधिकारियों को अवैध धार्मिक ढांचों से सड़कों पर हो रहे सभी अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया था और चांदनी चौक की सड़कों से अवैध धार्मिक ढांचों को हटाने के लिए 30 मई की समयसीमा भी दी थी।

इसने दिल्ली सरकार और पुलिस को भी निर्देश दिया था कि वे इन ढांचों को हटाने में पीडब्ल्यूडी का सहयोग करें।

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