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यूपीए के रक्षामंत्री एंटनी से ज्यादा बिचौलिए मिशेल को थी सरकारी फाइलों की जानकारी?

दिल्ली की एक अदालत ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा मामले में गिरफ्तार किए गए क्रिश्चयन मिशेल की जमानत याचिका पर फैसला 22 दिसंबर के लिए सुरक्षित रख लिया और उसे 28 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अगस्ता वेस्टलैंड सौदे का कथित बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल।

हेलिकॉप्टर घोटाले में गिरफ्तार बिचौलिए क्रिस्चन मिशेल ने इस डील के लिए तत्कालीन यूपीएम कैबिनेट को अपने इशारों पर नचाने की कोशिश की थी। टाइम्स ऑफ इंडिया ने जानकारी दी है कि सीबीआई को एक फैक्स से पता चला है कि मिशेल ने उस समय अगस्टा वेस्टलैंड के इंटरनेशनल बिजनेस के उपाध्यक्ष जियोकोमो सैपोनारो को जनवरी, 2010 में भेजा था। मिशेल ने इस फैक्स में यह भी दावा किया है कि तत्कालीन वित्त सचिव रशियन लॉबी की तरफ जुकाव रखते थे। फैक्स से पता चलता है कि मिशेल ने भारत को बेचे जाने वाले 12 VVIP हेलिकॉप्टर्स में अमेरिका और रूस की कंपनियों को पीछे छोड़ने के लिए यूपीए की पूरी कैबिनेट को अपने समर्थन में करना होगा। सीबीआई को यह फैक्स इटली से मिला है। इसके मुताबिक मिशेल को उस समय वित्त मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय में होने वाली फाइलों की हलचल के बारे में पूरी जानकारी थी।

सीबीआई को शक है कि मिशेल को उस समय के रक्षा मंत्री एके एंटनी से पहले फाइलों के बारे में जानकारी मिल जाती थी। खबर यह भी है कि मिशेल ने अगस्टा वेस्टलैंड के अपने आकाओं को यह बता रखा था कि उसने बहुत ऊंची पहुंच के जरिए कई बड़ी मुश्किलों से पार पाने के बाद यह डील कराई है। उसने बहुत आत्मविश्वास के साथ सैपोनारो को बताया था कि रूस और अमेरिका और के बहुत दबाव के बाद भी कैबिनेट उनके समर्थन में इस डील को मंजूरी दे दी। ध्यान रहे कि 18 जनवरी को तब के पीएम मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमिटी ने 12 VVIP हेलिकॉप्टर्स के मामले में अगस्टा वेस्टलैंड को सौदे की मंजूरी दे दी थी।

गौरतलब है कि दिल्ली की एक अदालत ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा मामले में गिरफ्तार किए गए क्रिश्चयन मिशेल की जमानत याचिका पर फैसला 22 दिसंबर के लिए सुरक्षित रख लिया और उसे 28 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ब्रिटिश नागरिक मिशेल (57) को विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष पेश किया गया, जहां जांच एजेंसी ने कहा कि उसे आगे हिरासत में रख कर पूछताछ की जरूरत नहीं है।

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