रिपोर्ट में दावा- उत्तराखंड में घुसे सौ चीनी सैनिक, हमारे पुल को क्षतिग्रस्त कर लौटे, 1962 की जंग से पहले इसी इलाक़े में की थी घुसपैठ

चीन के सैनिकों की गतिविधियों की जानकारी लगते ही अधिकारी हरकत में आ गए। सीमा क्षेत्र में पड़ोसी देश की गतिविधियों को देखते हुए खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है।

chinese soldiers seen in barahoti Area
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। Source- Indian Express

उत्तराखंड के चमोली से लगे चीनी सीमा इलाके ‘बाड़ाहोती’ में करीब 100 सैनिक देखे गए। अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स मे छपी खबर के अनुसार PLA सैनिक भारतीय सीमा में दाखिल हुए और कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने के बाद अपने इलाकों में लौट गए। इसमें एक पुल भी शामिल था जोकि चीनी सैनिकों के निशाने पर आया। चीन के सैनिकों की गतिविधियों की जानकारी लगते ही अधिकारी हरकत में आ गए। सीमा क्षेत्र में पड़ोसी देश की गतिविधियों को देखते हुए खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है।

हाल के कुछ सालों में बाड़ाहोती इलाका, प्रमुख फ्लैशप्वाइंट में शुमार नहीं रहा है हांलाकि यहां छोटी-मोटी घटनाएं जरूर रिपोर्ट की जाती रही हैं। 1962 के युद्ध से पहले चीन ने इसी इलाके में घुसपैठ को अंजाम दिया था। 1954 में पहली बार चीनी सैनिकों को इस इलाके में उपकरणों के साथ देखा गया था, जोकि बाद में बढ़ता चला गया था। 30 अगस्त को भी करीब 100 सैनिक सीमा के अंदर दिखाई दिए थे लेकिन भारतीय सेना के जवान पहुंचते, चीनी सैनिक बॉर्डर पार करके अपने इलाकों में चले गए थे।

उत्तराखंड के बाड़ाहोती में वास्तविक नियंत्रण रेखा में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों की घुसपैठ की खबरें पहले भी आ चुकी है। साल 2018 में ऐसी खबरें आई थीं, अगस्त महीने में तीन बार चीनी सैनिकों को आईटीबीपी की चौकी के पास देखा दया था। भारतीय सीमा में  घुस आए चीनी सैनिकों को जवानों के कड़े विरोध के चलते कदम पीछे खींचने पड़े थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चीनी सैनिक करीब 3 घंटों तक भारतीय सीमा में रहे और अपनी गतिविधि को अंजाम देते रहे। इधर स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सूचना ITBP के जवानों को दी गई। इसके बाद सेना तक यह जानकारी पहुंची, सेना की एक टुकड़ी जब वहां पहुंची तो चीनी सैनिक वहां से जा चुके थे। इस घटना के बाद एक गश्ती दल लगातार इलाके की छानबीन कर रहा है।

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