भारत को पड़ोसी के रूप में नहीं देखना चाहते चीनी नागरिक, पाकिस्‍तान को मानते हैं बेहतर

जिन देशों को चीनी नागरिक पड़ोसी के रूप देखना पसंद नहीं करते हैं, उन सभी के साथ उनके देश का सीमा विवाद चल रहा है।

India China Border, India China Border Conflict, India China Border Dispute, Arunachal Pradesh Chinaचीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (दाएं) और पाकिस्तान के प्रधानंमत्री नवाज शरीफ। (फाइल फोटो)

चीन के लोगों को अगर अपने देश का नक्‍श दोबारा बनाने का मौका मिले तो वे भारत और जापान को अपनी बॉर्डर से दूर रखना चाहेंगे। ज्यादातर चीनी नागरिक चाहते हैं कि पाकिस्‍तान और नेपाल उनके देश की सीमा के करीब रहें। चीन के सरकारी अखबार ‘ग्‍लोबल टाइम्‍स’ के सर्वे में यह बात सामने आई है।

Read Also: दक्षिण चीन सागर पर भारत-चीन में तकरार

जानकारी के मुताबिक, सर्वे में 13,196 लोगों ने जापान से दूर रहने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि कभी चुनाव करने का मौका मिले तो वे चीन की सीमा से जापान को दूर रखना चाहेंगे। जिन अन्य देशों से दूर रहने की इच्छा चीनी नागरिकों ने जताई है उनमें फिलीपींस, वियतनाम, उत्तर कोरिया, भारत, अफगानिस्तान और इंडोनेशिया शामिल हैं।

पाकिस्तान को लेकर चीनी नागरिकों की सोच काफी सकारात्‍मक है। कुल 11,831 लोग उसे अच्छा पड़ोसी मानते हैं। इसी प्रकार से नेपाल को भी चीनी नागरिक को अच्‍छा पडोसी मानते हैं। सर्वे में 36 देशों का नाम लेकर नागरिकों की राय उनके बारे में पूछी गई थी। इसमें 9,776 चीनी लोगों ने पड़ोसी के रूप में स्वीडन को पसंद किया है। इसके साथ न्यूजीलैंड, जर्मनी, मालदीव, सिंगापुर, नॉर्वे और थाईलैंड भी चीनी के लोगों के पसंदीदा देश हैं। आपको बता दें कि जिन देशों को चीनी नागरिक पड़ोसी के रूप देखना पसंद नहीं करते हैं, उन सभी के साथ उनके देश का सीमा विवाद चल रहा है। भारत के साथ अरुणाचल प्रदेश में तो जापान, वियतनात, फिलिपींस के साथ चीन का समुद्र सीमा को लेकर टकराव चल रहा है।

Read Also: विवादित साउथ चाइना सी में चीन ने उतारा प्‍लेन, वियतनाम आगबबूला, अमेरिका ने जताई चिंता

Next Stories
1 भारत-पाक के विदेश सचिवों की बातचीत इसी महीने
2 मुसलमानों को अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने के अपने रुख पर कायम: डोनाल्ड ट्रंप
3 बंदूक लाबी की ओबामा को टीवी पर बहस की चुनौती
आज का राशिफल
X