लद्दाख की झील में चीनी सैनिकों ने तैनात कीं तिगुनी नावें, गश्त भी बढ़ाईं, भारतीय निर्माण पर जता रहा आपत्ति, LAC पर तनाव गहराया

सूत्रों ने बताया, “पश्चिमी क्षेत्र (एलएसी) में लगभग एक तिहाई चीनी संक्रमण पैंगोंग झील में होते हैं। चीनी सैनिकों ने झील पर नावों की संख्या में ही पर्याप्त वृद्धि नहीं की है, बल्कि उनका गश्त व्यवहार पहले के मुकाबले और अधिक आक्रामक हुआ है।

चीनी सैनिकों ने निगरानी कर रही नावों की संख्या बढ़ाकर तिगुनी कर दी हैं। इससे पहले वे लोग मात्र तीन नावों का ही इस्तेमाल कर रहे थे। (फोटो- एक्सप्रेस आर्काइव)

पूर्वी लद्दाख की झील पैंगोंग के पास भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के करीब दो हफ्ते बाद चीनी सैनिकों ने अचानक वहां गश्त तेज कर दी है और झील में पहले से ज्यादा तीन गुनी नावें तैनात कर दी हैं। इतना ही नहीं चीनी सैनिक वहां निर्माणाधीन भारतीय सड़क पर भी आपत्ति जता रहे हैं और एक निश्चित बिंदु से आगे बढ़कर गश्त कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर उपजा तनाव स्थिति को और खराब कर सकता है।

सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि चीनी सैनिकों ने निगरानी कर रही नावों की संख्या बढ़ाकर तिगुनी कर दी हैं। इससे पहले वे लोग मात्र तीन नावों का ही इस्तेमाल कर रहे थे। भारतीय सेना के पास भी झील के 45 किलोमीटर लंबे पश्चिमी हिस्से, जो भारतीय नियंत्रण में हैं, की निगरानी के लिए इतनी ही संख्या में नावें हैं।

सूत्रों ने बताया, “पश्चिमी क्षेत्र (एलएसी) में लगभग एक तिहाई चीनी दखल पैंगोंग झील में होते हैं। चीनी सैनिकों ने झील पर नावों की संख्या में ही पर्याप्त वृद्धि नहीं की है, बल्कि उनका गश्त व्यवहार पहले के मुकाबले और अधिक आक्रामक हुआ है। जब अप्रैल के अंत से इस क्षेत्र को लेकर विवाद चल रहे हैं, तब इस तरह की हरकत रणनीतिक लिहाज से अच्छी बात नहीं है।”

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पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर स्थित पहाड़ियां ही दोनों देशों के बीच मुख्य गांठ है, सेना इसे फिंगर्स कहती है। भारतीय सेना का दावा है कि फिंगर्स-8 के साथ ही वास्तविक नियंत्रण रेखा गुजरता है जबकि चीनियों का दावा है कि LAC फिंगर 2 से गुजरता है। दो अलग-अलग धारणाओं के बीच के इस क्षेत्र में जहां दोनों सेनाएं नियमित गश्त करती हैं, अक्सर हावी होने की कोशिश करती हैं।

झील के उत्तरी किनारे पर गश्ती को लेकर कुछ दिनों पहले दोनों सेना के बीच टकराव उत्पन्न हो गया था। सूत्रों ने बताया कि तब चीनी सेना ने जोर देकर भारतीय सैनिकों को फिंगर-2 पर रूकने को कहा था। जबकि, फिंगर-चार तक भारतीय सैनिक सामान्य रूप से गश्त करते रहे हैं। जब भारत ने चीनी हस्तक्षेप का विरोध किया तब फिंगर-5 के करीब दोनों सेना के बीच 5-6 मई की रात झड़प हो गई। भारत और चीन के करीब 250 सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों, डंडों से लड़ाई हुई और पथराव भी हुआ जिसमें दोनों पक्षों के सैनिक जख्मी हुए थे।

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