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LAC पर सेना पूरी तरह हटाने के बजाय बढ़ाने लगा चीन, कमांडर लेवल की बातचीत में फिंगर एरिया पर रहा फोकस

चाइनीज आर्मी बातचीत के बावजूद लद्दाख के पैंगोंग त्सो और देपसांग इलाकों से पीछे नहीं हट रही है। इतना ही नहीं चीन अरुणाचल प्रदेश में एलएसी के नजदीक भी अपनी सेना की तैनाती बढ़ा रहा है।

pangong tso, india china border dispute, indian army, ladakhलद्दाख में पैगोंग त्सो इलाके में चीनी सेना पीछे हटने को तैयार नहीं है। (फाइल फोटो)

भारत और चीन के बीच कमांडर लेवल की अहम बैठक आज एलएसी पर मोल्डो इलाके में हुई। दोनों देशों के बीच कमांडर लेवल की यह पांचवी बातचीत है। आज की बातचीत में भारत का फोकस लद्दाख के फिंगर एरिया पर रहा। बता दें चाइनीज आर्मी बातचीत के बावजूद लद्दाख के पैंगोंग त्सो और देपसांग इलाकों से पीछे नहीं हट रही है। इतना ही नहीं चीन अरुणाचल प्रदेश में एलएसी के नजदीक भी अपनी सेना की तैनाती बढ़ा रहा है। पहले दोनों देशों के बीच कमांडर लेवल की बातचीत 30 जुलाई को प्रस्तावित थी, जो नहीं हुई थी। अब आज यह बैठक हुई।

एक उच्च स्तरीय चाइना स्टडी ग्रुप की इस हफ्ते बैठक हुई थी, जिसमें भारत की आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। अधिकारियों का मानना है कि पीएलए के पैंगोंग त्सो और गोगरा इलाके में पीछे नहीं हटने की वजह यह हो सकती है कि चीन अभी इस पर मंथन कर रहा है और कोई भी फैसला लेने से पहले समय लेना चाहता है। इसके अलावा हो सकता है कि राजनैतिक रजामंदी का भी इंतजार किया जा रहा हो।

ये भी माना जा रहा है कि चीन लद्दाख में लंबे समय तक टिकने की योजना बना रहा है। ऐसे में हमें भी इसके लिए तैयार रहना चाहिए। भारतीय सेना ने पहले ही सर्दियों को देखते हुए लॉजिस्टिक का काम शुरू कर दिया है। इनमें राशन, सर्दियों के लिए सैनिकों के खास कपड़े, शेल्टर, टेंट और अन्य सामान शामिल हैं। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, लद्दाख में करीब 30 हजार सैनिक तैनात हैं।

अधिकारियों के अनुसार, चीन से लगती सीमा पर तीनों सेक्टर में सैनिकों और हथियारों की तैनाती की गई है। इनमें पश्चिमी सेक्टर (लद्दाख), मध्य सेक्टर (उत्तराखंड, हिमाचल), पूर्वी सेक्टर (सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश) शामिल हैं। लद्दाख की तुलना में अन्य दो सेक्टर्स में सैनिकों की सामान्य तैनाती है।

कमांडर लेवल की बातचीत में दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार हुए थे लेकिन चीनी सेना पैंगोंग त्सो इलाके में फिंगर-4 से लेकर फिंगर 8 तक के आठ किलोमीटर के इलाके में पीछे हटने को तैयार नहीं है। बातचीत के तुरंत बाद चीन ने फिंगर 4 से अपनी सेना पीछे हटा ली थी लेकिन अभी वह फिंगर 5 इलाके में डटे हैं और अभी भी इलाके में उनका दबदबा है।

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