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ह‍िंद महासागर और अदन की खाड़ी में 2014 से ही ताकत बढ़ा रहा चीन, 10 जुलाई से भारत-अमेर‍िका-जापान का युद्धाभ्‍यास भी है तय

भारत ने हिन्द महासागर में नजदीकी निगरानी रखने के लिए अमेरिका से 22 गॉर्डियन अनआर्म्ड ड्रोन खरीदे हैं।
साल 2015 में चीन दौरे में भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी। (तस्वीर- पीटीआई)

सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच जारी तकरार के बीच चीनी युद्धपोतों ने हिन्द महासागर में अपनी गश्त बढ़ा दी है। वहीं भारतीय नौसेना चीन की हरकतों पर कड़ी नजर बनाए हुए है। सिक्किम में भारतीय सीमा में घुसकर चीनी सैनिकों ने छह जून को दो बंकरों को नष्ट कर दिया इसके बाद से इस इलाके में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। सिक्किम में भारत की सीमा तिब्बत और भूटान से लगती है। भारत ने भूटान के इलाके में चीन द्वारा सड़क बनाए जाने पर भी विरोध जताया है। चीन भूटान को डोंगलांग इलाके पर दावा करता है। भूटान ने भी चीन से इस इलाके में सड़क निर्माण से रोका है।

भारतीय नौसेना के एक सूत्र ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि पिछले कुछ समय में हिन्द महासागर चीनी युद्धपोतों की गतिविधियां बढ़ गईं हैं इसलिए भारतीय नौसेना इसे लेकर सचेत है। भारतीय नौसेना ने पिछले दो महीने में हिन्द महासागर में चीन के एक दर्जन से ज्यादा युद्धपोत देखे हैं। इनमें पनडुब्बियां, डेस्ट्रायर्स और सूचना इकट्ठा करने वाले जलपोत शामिल हैं।

हिन्द महासागर के अलावा अरब सागर में स्थित अदन की खाड़ी में भी चीन ने अतिरिक्त युद्धपोत तैनात किए हैं। इसे दुनिया के दो सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में एक माना जाता है। इस इलाके में चीन के चार-पांच युद्धपोत हमेशा मौजूद रहते हैं। इस इलाके में समुद्री-लूटेरों का काफी खतरा रहता है। चीन समुद्री-लूटेरों पर निगरानी का बहाना बनाता है। रक्षा विशेषज्ञों के हवाले से एचटी ने लिखा है कि चीन ने इस इलाके में पनडुब्बियां भी तैनात कर रखी हैं। समुद्री-लुटेरों से निपटने में पनडुब्बियों का प्रयोग नहीं किया जाता।

अदन की खाड़ी में भारत अक्टूबर 2008 से ही सक्रिय है। समुद्री-लुटेरों से निपटने के लिए भारत ने अब तक 64 युद्धपोतों का प्रयोग किया है। इस इलाके में भारत का एक युद्धपोत हर दम मौजूद रहता है। नौसेना के आंकड़ों के अनुसार भारत ने एडेन की खाड़ी में अब तक 41 बार समुद्री-लूट से जुड़े मामलों में कार्रवाई की है। अदन की खाड़ी अरब प्रायद्वीप को अफ्रीका से जोड़ती है। इस दौरान इस इलाके से 3765 जलपोत गुजरे हैं जिनमें से 394 भारतीय ध्वजवाहक पोत थे। भारत ने अब तक अदन की खाड़ी में विभिन्न कार्रवाइयों में 120 समुद्री लुटेरों को पकड़ा है और 74 मछुवारों को बचाया है।

रिपोर्ट के अनुसार चीन साल 2014 से ही अदन की खाड़ी में पनडुब्बी तैनात रखे हुए है। एक नौसेना अधिकारी ने एचटी को बताया कि चीन तीन महीने पनडुब्बी तैनात रखता है और फिर तीन महीने हटा देता है, यही क्रम वो तब से जारी रखे हुए है। रिपोर्ट के अनुसार चीनी शोध जलपोत हिन्द महासागर में लगातार शोध कर रहे हैं। चीन के इस शोध का मकसद सैन्य और कारोबारी दोनों ही है।

अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि बंगाल की खाड़ी में 10 जुलाई से शुरू हो रहे भारत, अमेरिका और जापान के एक हफ्ते के संयुक्त नौसेना अभ्यास पर नजर रखने के लिए चीन अपने गश्ती जहाज लगाए हुए है। वहीं भारत पी-81 मैरीटाइम सर्विलांस एयरक्राफ्ट और रुक्मणि सैटेलाइट की मदद से चीनी युद्धपोतों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। भारत ने हिन्द महासागर में नजदीकी निगरानी रखने के लिए अमेरिका से 22 गॉर्डियन अनआर्म्ड ड्रोन खरीदे हैं।

वीडियो- चीनी मीडिया में भारत के खिलाफ धमकी भरे शब्दों का प्रयोग

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