ताज़ा खबर
 

India-China Border Tension: चीन के साथ तनातनी पर बोले केंद्रीय मंत्री बोले- नरेंद्र मोदी के भारत को कोई आंख नहीं दिखा सकता

India-China Border Tension: पूर्वी लद्दाख सीमा पर भारत और चीनी सैनिकों के बीच तनाव बढ़ने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की थी ।

सीमा पर लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच केंद्रीय कानून एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने चीन को कड़ी चेतावनी दी है।

India-China Border Tension: लद्दाख से लगी सीमा पर चीन के आक्रामक रुख के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले भारत को कोई भी आंख नहीं दिखा सकता है।

विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की। उनसे राहुल गांधी के उस बयान को लेकर सवाल पूछा गया था जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था कि चीन के साथ सीमा पर कथित तनातनी और भारत-नेपाल रिश्तों में आई हालिया तल्खी से जुड़े मुद्दों को लेकर पारदर्शिता की जरूरत है और सरकार को देश को इस बारे में स्पष्ट रूप से बताना चाहिए। प्रसाद ने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी के भारत को कोई भी आंख नहीं दिखा सकता है ।’’ प्रसाद ने कहा कि उन्होंने एक लाइन में इस प्रश्न का जवाब दे दिया है।

उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख सीमा पर भारत और चीनी सैनिकों के बीच तनाव बढ़ने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की थी। समझा जाता है कि इस बैठक में में बाह्य सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिये भारत की सैन्य तैयारियों को मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।

यह बैठक ऐसे समय में हुई जब मंगलवार को ही चारों जनरलों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पैंगोंग झील, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी की स्थिति के बारे में जानकारी दी थी, जहां पिछले करीब 20 दिनों से भारत और चीन के सैनिक आक्रामक रुख अपनाये हुए हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने कल बताया था कि भारत, चीन से लगने वाली 3500 किलोमीटर की सीमा पर सामरिक क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास की परियोजनाओं को नहीं राकेगा और चीन के इन्हें रोकने के किसी तरह के दबाव में नहीं आयेगा।

गौरतलब है कि लद्दाख में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब करीब 250 चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच 5 मई को झड़प हो गई और इसके बाद स्थानीय कमांडरों के बीच बैठक भी हुई । इस घटना में भारतीय और चीनी पक्ष के 100 सैनिक घायल हो गए थे । इस घटना पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी । 9 मई को उत्तरी सिक्किम में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी ।
क्‍लिक करें Corona Virus, COVID-19 और Lockdown से जुड़ी खबरों के लिए और जानें लॉकडाउन 4.0 की गाइडलाइंस

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 India China Border Tension: भारत-चीन सीमा विवाद पर डॉनल्ड ट्रंप बोले- दोनों देशों के बीच मध्यस्थता को तैयार
2 Lockdown 5.0: मंदिरों-मस्जिदों समेत जिम जाने की मिल सकती है इजाजत, 11 शहरों पर केंद्रित होगा लॉकडाउन 5.0, जानें- कहां क्या छूट, क्या बैन?
3 बीजेपी के दो सांसदों पर भड़का चीन, ई-मेल लिखकर ताइवान के कार्यक्रम में वर्चुअल मौजूदगी पर जताई कड़ी आपत्ति