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चीन ने कब्जाए पैंगॉन्ग के हिस्से में बनाए हैं दो पुल- MEA, राहुल बोले- लद्दाख में संकटग्रस्त यूक्रेन जैसा हाल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान यह दावा भी किया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पूरे देश में केरोसीन छिड़का है। एक चिंगारी से आग लग सकती है।

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लद्दाख की पैंगॉन्ग झील के पास एक फौजी। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः शोएब मसूदी)

पूर्वी लद्दाख में पैंगॉन्ग त्सो (Pangong Tso) के पार चीन की ओर से बनाए जा रहे दूसरे पुल की पुष्टि करते हुए विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार (20 मई, 2022) को कहा- ये दोनों पुल उन क्षेत्रों में हैं, जो साल 1960 से चीन के अवैध कब्जे के तहत हैं।” मंत्रालय ने इसके साथ ही एक बयान में कहा कि भारत ने चीन के “अनुचित दावे” या “ऐसी निर्माण गतिविधियों” को स्वीकार नहीं किया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के शुक्रवार को आए बयान के अनुसार, “हमने चीन की ओर से पैंगॉन्ग झील पर अपने पहले के पुल के साथ एक पुल के निर्माण की रिपोर्ट देखी है। ये दोनों पुल 1960 के दशक से चीन के अवैध कब्जे वाले इलाकों में हैं। हमने अपने क्षेत्र पर इस तरह के अवैध कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया है। न ही हमने अनुचित चीनी दावे या ऐसी निर्माण गतिविधियों को स्वीकार किया है।”

दरअसल, हाल में जिस पुल का जिक्र किया जा रहा है, वह एक दूसरी संरचना है जिसे चीन बना रहा है (इस साल की शुरुआत में बनाए गए पुल के ठीक बगल में)। रोचक बात है कि यह एक ऐसे क्षेत्र में है जो भारत की दावा रेखा के साथ है। यह उस बिंदु से 20 किमी से अधिक पूर्व में है, जिसे भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के रूप में चिह्नित करता है।

डोकलाम में भी है चीनी सेना- राहुल का दावाः लंदन में ‘आईडियाज फॉर इंडिया’ सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा कि रूस जो यूक्रेन में कर रहा है, कुछ वैसा ही हाल चीन ने लद्दाख में पैदा किया है। पर नरेंद्र मोदी सरकार इस बारे में बात तक नहीं करना चाहती। बकौल पूर्व कांग्रेस चीफ, “रूसी यूक्रेन से कहते हैं कि हम आपकी क्षेत्रीय अखंडता को नहीं स्वीकारते हैं। हम यह मानने से इनकार करते हैं कि दो जिले तुम्हारे हैं…हम उन दो जिलों में हमले करने जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित कर सकें कि तुम उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) से गठजोड़ तोड़ दो। पुतिन (रूसी राष्ट्रपति) यही कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि मैं इसके लिए तैयार नहीं हूं कि तुम अमेरिका के साथ गठजोड़ करो…मैं तुम पर हमला करूंगा।”

वह आगे बोले- यूक्रेन में जो हो रहा है और लद्दाख में जो हो रहा है, उनकी तुलना करिए। कृपया आप देखिए, दोनों जगह समान स्थिति है। चीनी सेनाएं लद्दाख़ और डोकलाम दोनों जगह हैं। चीन कह रहा है इन इलाक़ों से आपका (भारत) संबंध तो है लेकिन हम (चीन) नहीं मानते कि यह भूभाग आपका है। मेरी समस्या यह है कि वह (भारत सरकार) इस पर कोई बात नहीं करना चाहती।

बोले रक्षा मंत्री- 8 साल में बढ़ा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का रुतबाः इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भाजपा कार्यकर्ताओं की एक सभा में कहा कि पिछले आठ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का रुतबा बढ़ा है और यह अब कमजोर देश नहीं रह गया है। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी गतिरोध का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अगर भारतीय सैनिकों की वीरता के बारे में पूरी जानकारी दी जाए तो यह हर भारतीय को गौरवान्वित करेगा। देश सैन्य उपकरणों के लिए विदेशों पर अपनी निर्भरता को समाप्त करने का भी प्रयास कर रहा है। सिंह ने कहा, ”पहले, जब भी भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलता था, कोई भी इसे गंभीरता से नहीं लेता था, लेकिन आज जब भारत किसी भी वैश्विक मंच पर बोलता है, तो पूरी दुनिया सुनती है।”

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