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चीन का दावा- पीछे हटा भारत, 400 में से केवल 40 सैनिक हैं तैनात

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार ( दो अगस्त) को जारी अपने बयान में कहा है कि भारत-चीन सीमा पर स्थिति शांतिपूर्ण है।

सिक्किम में भारत के संग जारी सीमा विवाद के बीच चीन ने एक बयान और नक्शा जारी करके दावा किया है कि भारत ने डोकलाम में तैनात सैनिकों की संख्या कम कर ली है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट  में कहा गया है कि भारत सरकार ने चीन के इस दावे को इनकार किया है। चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि एक समय विवादित इलाके में भारत ने 400 से ज्यादा सैनिक तैनात कर रखे थे लेकिन जुलाई के अंत तक इस इलाके में करीब 40 भारतीय सैनिक मौजूद हैं। चीन ने कहा है कि  पहले भारत के दो बुलडोजर विवादित इलाके में थे लेकिन जुलाई अंत तक एक ही बुलडोजर था।

जून से ही सिक्किम स्थिति तीन देशों के तिमुहाने वाले इस इलाके में तनाव है। डोकलाम भूटान का इलाका है जिस पर चीन अपना दावा जताता है। 16 जून को भारत ने इस इलाके में सड़क निर्माण की कोशिश कर रहे चीनी सैनिकों को रोक दिया था। उससे पहले चीनियों ने छह जून को दो भारतीय बंकर नष्ट कर दिए थे। चीनी विदेश मंत्रालय ने विस्तृत बयान के साथ एक तस्वीर भी जारी की है जिसमें ग्राफिक्स के सहारे भारतीय सैनिकों और विवादित इलाके की स्थिति दिखायी गई है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार ( दो अगस्त) को जारी अपने बयान में कहा है कि भारत-चीन सीमा पर स्थिति शांतिपूर्ण है। हालांकि अभी तक भारत सरकार ने सैनिकों की संख्या के बारे में चीनी विदेश मंत्रालय के दावे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सेना के अधिकारियों ने डोकलाम में भारत ने अपनी सैनिकों की संख्या नहीं घटाई है। विवादित डोकलाम इलाके को चीन अपना डोंगलॉन्ग इलाका बताता है। हालांकि एक सैन्य अफसर ने द टेलीग्राफ से कहा कि भारत ने घाटी से कुछ सैनिक हटाए हैं लेकिन हटाए गए सैनिकों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

चीन ने इससे पहले कहा था कि भारत से सीमा विवाद पर तभी सार्थक बात होगी जब वो डोकलाम से अपने सैनिक हटा लेगा। चीन के बयान पर संसद में प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि डोकलाम में दोनों देशों को एक साथ सैनिक हटाने चाहिए। भारत ने चीन से कहा है कि ये इलाका उसकी सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील है और इलाके से जुड़ी किसी भी बातचीत में सभी संबंधित देशों को शामिल किया जाएगा।

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