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कोरोना से बेतहाशा मौतें: सूरत के विद्युत शवदाह गृह में इतने शव जले कि चिमनी पिघल गई, लोहे का प्लैटफ़ॉर्म जल गया

गुजरात के सूरत शहर में कोरोना का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि वहां के विद्युत शमशान में करीब 100 से ज्यादा लाशें हर रोज आ रही हैं।

surat, corona, covid-19गुजरात का दिव्य भास्कर अखबार

देशभर में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। गुजरात में कोरोना ने इस कदर कहर ढा रखा है कि सूरत के विद्युत शवदाह गृह में इतनी लाशें जली कि भट्ठियों की चिमनियां तक पिघल गई। इतना ही नहीं वहां मौजूद लोहे का प्लेटफार्म भी जल गया। हालांकि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने कहा है कि राज्य में टीकाकरण अभियान चल रहा है, कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। इसलिए राज्य में लॉकडाउन लगाने की अभी कोई संभावना नहीं है।

दरअसल गुजरात के सूरत शहर में कोरोना का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि वहां के विद्युत श्मशान में करीब 100 से ज्यादा लाशें हर रोज आ रही हैं। बड़ी संख्या में लाशों के जलने की वजह से वहां मौजूद गैस की भट्टी पूरे दिन जल रही हैं। जिसकी वजह से भट्टी पर लगा प्लेटफॉर्म जल गया और उसकी चिमनियां पिघल गई। इसके अलावा कई शवदाह गृह में लकड़ी की चिता बनाकर भी अंतिम संस्कार किया जा रहा है। लेकिन कई बार शवदाह गृह में लकड़ियां ख़त्म हो जाने की स्थिति में गीली लकड़ियों के सहारे भी लाशें जलाई जा रही है।

कोरोना के बढ़ते मामलों और उससे हो रही मौतों की वजह से सूरत शहर में 15 साल से बंद पड़े श्मशान को भी खोलना पड़ा। सूरत में हर रोज करीब 100 लाशों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। जिसकी वजह से मृतकों के परिजनों को 8 से 10 घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है. इसकी वजह से सूरत में 30 शवों का एकसाथ अंतिम संस्कार करने की क्षमता रखने वाले सालों पुराने और बंद पड़ चुके शवदाह गृह को खोलने का निर्णय लिया गया है। सूरत से भाजपा पार्षद नीलेश पटेल ने इस मामले पर कहा कि भीड़ भाड़ से बचने के लिए फिर से श्मशान को दोबारा से खोलने का निर्णय लिया गया है।

हालांकि सूरत जैसी विभत्स स्थिति देश के दूसरे शहरों में भी है। इंदौर शहर के शवदाह गृह में अंतिम संस्कार के लिए वेटिंग चल रही है। कोरोना संक्रमित मृतकों के परिवार वालों को घंटों लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार सिर्फ 12 दिनों के अंदर करीब 319 कोरोना संक्रमितों की लाशों का अंतिम संस्कार इंदौर के शवदाह गृह किया गया। हालांकि पिछले 12 दिन में करीब 1001 शवों का अंतिम संस्कार इंदौर शहर के 51 शवदाह गृहों और कब्रिस्तानों में किया गया है।

मुंबई के नालासोपारा के विनायक अस्पताल में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी की वजह से 7 कोविड मरीजों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी कोरोना की रफ्तार बढ़ती जा रही है। लखनऊ के इतिहासकार और पदमश्री योगेश प्रवीन की मौत भी समय पर एम्बुलेंस ना पाने की वजह से हो गई। उत्तरप्रदेश में  लोगों की हो रही मौत के बाद श्मशानों में कतारें लंबी हो गयी है। भारत में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन मंगलवार को लगातार डेढ़ लाख से ज्यादा मामले सामने आए। पिछले 24 घंटे में 1,61,736 नए कोरोना केस सामने आए हैं। इस दौरान 879 लोगों की मौत हुई है।

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