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दिल्ली में ‘मानव बलि’ के नाम पर बच्चे की गला रेतकर हत्या

पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है वे ‘मानव बलि’ के नाम पर हत्या की बात कबूल रहे हैं।

दिल्ली में ‘मानव बलि’ के नाम पर बच्चे की गला रेतकर हत्या
सांकेतिक फोटो।

लोधी कालोनी थाना क्षेत्र स्थित, सीबीआइ इमारत के पास सीजीओ काम्पलेक्स में निर्माणाधीन स्थल पर छह साल के एक बच्चे की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान धर्मेंद्र (6) के तौर पर की गई है। यहां पर बच्चे के माता-पिता मजदूरी करते हैं और वहीं बनी झुग्गियों में रहते हैं।
वारदात की जानकारी पुलिस को शनिवार को मिली थी।

सूचना मिलने पर पुलिस बच्चे को एम्स ट्रामा सेंटर लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर रविवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान बिहार निवासी विजय और अमर कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला है कि दोनों आरोपी वारदात के वक्त गांजे के नशे में थे और उन्होंने कथित तौर पर ‘भगवान शिव को खुश करने के लिए’ इस वारदात को अंजाम दिया था।

दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त चंदन चौधरी ने रविवार को बताया कि सहायक कमांडेंट आरके झांगीर की ओर से शनिवार देर रात करीब 12:40 बजे लोधी कालोनी थाना पुलिस को सूचना दी गई। फोन करने वाले ने पुलिस को बताया कि दो लड़कों ने छह साल के एक बच्चे का गला रेत दिया है। मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को पकड़ रखा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने बच्चे के शव को एम्स के शवगृह में रखवा दिया है।

परिवार के जानकार हैं दोनों : जांच में पुलिस को पता चला कि दोनों आरोपी निर्माणाधीन स्थल पर ही काम करते हैं। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि ‘उनके सपने में भोले बाबा आए थे। उन्होंने कहा बच्चे का गला काट दो तो बच्चे का गला काट दिया।’ आरोपियों ने कहा कि उनकी परिवार से कोई दुश्मनी नहीं थी। रात करीब साढ़े 10 बजे जब बच्चा अपनी झुग्गी में जा रहा था तो उन्होंने उसे खाना बनाने की जगह पर बुलाया। बच्चा उन्हें जानता था तो वह आसानी से उनके पास आ गया। इसके बाद आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।

उपायुक्त ने बताया कि पीड़ित परिवार मूलरूप से गिरधरपुर, फैसलापुर, बरेली, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। परिवार में पिता अशोक, मां भगवती, भाई मंगली और बहन बाबी हैं। उसके पिता अशोक और मां भगवती, सीआरपीएफ हेड क्वार्टर में मजदूरी का काम करते है और सीबीआइ इमारत के पास रहते हैं। पूरा परिवार एक महीने पहले ही दिल्ली में काम की तलाश में आया था।

झुग्गी से बह रहा था खून

उपायुक्त ने बताया कि शुरुआती छानबीन में पता चला है कि महिलाएं रात के खाने के बाद निर्माणाधीन स्थल से अपनी-अपनी झुग्गियों में जाने लगीं। इसी बीच भगवती ने देखा कि उनका बेटा धर्मेंद्र गायब है, उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। तभी पता चला कि एक झुग्गी से खून बह रहा था। इसके बाद उन्होंने दरवाजा खोला तो लकड़ी की प्लाई के नीचे मासूम का शव था। इसके बाद लोगों ने दोनों आरोपियों को वहीं पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि दोनों गांजे के नशे में थे।

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First published on: 03-10-2022 at 08:41:31 am
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