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चीफ सेक्रेट्री केसः CM ममता का PM मोदी को खत- एकतरफा आदेश है असंवैधानिक; बोले केजरीवाल- ये लड़ने-झगड़ने का वक्त नहीं

सीएम ममता ने लिखा कि मुख्य सचिव को 24 मई को सेवा विस्तार की अनुमति देने और चार दिन बाद के आपके एकपक्षीय आदेश के बीच आखिर क्या हुआ, यह बात समझ में नहीं आई।

PM मोदी और CM ममता बनर्जी की बैठक विवादों में है (File Photo)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के मुख्य सचिव को दिल्ली बुलाने के आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया है। उन्होंने लिखा है कि पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को दिल्ली बुलाने के एकतरफा आदेश से स्तब्ध और हैरान हूं। वहीं इस मुद्दे पर केजरीवाल ने कहा है कि ये लड़ने-झगड़ने का वक्त नहीं है।

ममता बनर्जी ने मोदी को भेजे पत्र में कहा कि यह एकतरफा आदेश कानून की कसौटी पर खरा नहीं उतरने वाला, ऐतिहासिक रूप से अभूतपूर्व तथा पूरी तरह से असंवैधानिक है। केंद्र ने राज्य सरकार के साथ विचार विमर्श के बाद मुख्य सचिव का कार्यकाल एक जून से अगले तीन महीने के लिए बढ़ाने जो आदेश दिया था उसे ही प्रभावी माना जाए। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में ममता बनर्जी ने कहा कि संघीय सहयोग, अखिल भारतीय सेवा तथा इसके लिए बनाए गए कानूनों के वैधानिक ढांचे का आधार स्तंभ है।

सीएम ममता ने लिखा कि मुख्य सचिव को 24 मई को सेवा विस्तार की अनुमति देने और चार दिन बाद के आपके एकपक्षीय आदेश के बीच आखिर क्या हुआ, यह बात समझ में नहीं आई। ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा। मुझे आशा है कि नवीनतम आदेश (मुख्य सचिव का तबादला दिल्ली करने का) और कलईकुंडा में आपके साथ हुई मेरी मुलाकात का कोई लेना-देना नहीं है।

मैं सिर्फ आपसे बात करना चाहती थी, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच आमतौर पर जिस तरह से बैठक होती है उसी तरह से। लेकिन आपने अपने दल के एक स्थानीय विधायक को भी इस दौरान बुला लिया जबकि प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री की बैठक में उपस्थित रहने का उनका कोई मतलब नहीं है।

इस मुद्दे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि यह समय राज्य सरकारों से लड़ने का नहीं, बल्कि कोरोना वायरस से मिलकर निपटने का है। केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय का केन्द्र द्वारा अचानक तबादला करने की खबरों मद्देनजर यह बयान दिया।केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘यह समय राज्य सरकारों से लड़ने का नहीं है, सबके साथ मिलकर कोरोना वायरस से लड़ने का है। यह समय राज्य सरकारों की मदद करने का है, उन्हें टीके उपलब्ध कराने का है। यह सभी राज्य सरकारों को साथ लेकर टीम इंडिया बनकर काम करने का समय है। लड़ाई-झगड़े और राजनीति करने के लिए पूरी ज़िंदगी पड़ी है।’’

वहीं केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में संवैधानिक व्यवस्था अहंकार और अराजकता का बंधन बन गया है। संवैधानिक व्यवस्था को अहंकार और अराजकता ने हाईजैक कर लिया है। अगर आप संविधान की शपथ लेकर मुख्यमंत्री बनी हैं तो आपको संवैधानिक मूल्यों और संस्थाओं का सम्मान करना ही होगा।

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