मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को देश में सियासी माहौल बेहद गर्म रहा। नई दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में लोग पहुंचे और उन्होंने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को दोहराया।
प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले और जंतर-मंतर के इलाके में भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) तथा अन्य राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने वोटर लिस्ट के एसआईआर में गड़बड़ियों और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार की आलोचना की और उनका इस्तीफा मांगा। दिल्ली पुलिस ने 700 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
पुलिस ने आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के संयोजक सौरभ भारद्वाज, राजद सांसद मनोज झा सहित कई अन्य नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
ज्ञानेश कुमार के साथ ‘सिस्टम’ भी जाएगा- राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग के कामकाज के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिये जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस ‘सिस्टम’ ने उन्हें बिठाया है, वह भी जाएगा।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोरदार प्रदर्शन किया। बीते दिनों दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक हुई थी और इसमें शामिल हुए विपक्षी नेताओं ने कहा था कि वे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरेंगे।
इंटरनेट सर्विस निलंबित, मेट्रो स्टेशन बंद
दिल्ली में फिरोजशाह रोड और अशोक रोड जैसे कई जगहों पर, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड को पार करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक लिया। प्रदर्शन स्थल और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सर्विस निलंबित कर दी गईं।
दिल्ली मेट्रो ने प्रदर्शन स्थल के आसपास राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और पटेल चौक सहित 12 स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट गेट गेट को भी बंद कर दिया। रात को इन्हें खोल दिया गया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कुमार के खिलाफ नारे लगे। इनमें “एक कचौड़ी, दो समोसा, ज्ञानेश तुम्हारा क्या भरोसा” और “गली-गली में शोर है, मोदी-ज्ञानेश वोट चोर हैं” जैसे नारे शामिल हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार की तस्वीर लगी तख्तियां भी पकड़ी थी जिनमें लिखा था “रिजाइन दो”।
दीपके बोले- जंतर-मंतर पर करेंगे प्रदर्शन
दूसरी ओर, मुंबई के मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी की अपील पर जुटे लोगों ने प्रदर्शन किया। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास सहित तमाम लोगों ने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाना चाहिए। अभिजीत दीपके ने कहा, ”अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर के ‘जेन जी’ के लोग दिल्ली जाएंगे। वहां ‘जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करेंगे।” दीपके ने कहा कि दो साल में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए।
”ज्ञानेश ब्रो, जस्ट रिजाइन” और ”गद्दार ज्ञानू मस्ट गो” जैसे नारे लिखे पोस्टर लिए कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में युवा यहां जुटे। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, गायक विशाल ददलानी और महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे। शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने सीजेपी के आंदोलन को समर्थन दिया है।
सीजेपी और विपक्षी दलों ने यह मांग तब से की है, जब कुछ दिनों पहले द इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी खबर में कहा था कि चुनाव आयुक्तों- सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने देशभर में मतदाता सूची के एसआईआर के दौरान नाम जोड़े और हटाए जाने समेत कई मुद्दों पर आपत्तियां जताई थीं।
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महाराष्ट्र के लातूर में छात्रों ने शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि दीपके ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के खिलाफ लड़ाई को बीच में ही छोड़ दिया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
