सीआरपीएफ ने छत्तीसगढ़ के गोगुंडा में माओवादी नेता रामन्ना के स्मारक को गिरा दिया। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के गोगुंडा गांव में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने गुरुवार को माओवादी केंद्रीय समिति के सदस्य रावुला श्रीनिवास उर्फ रामन्ना के स्मारक को ध्वस्त कर दिया।
एएनआई से बात करते हुए, 74वीं बटालियन के सहायक कमांडेंट विदेखो किये ने कहा, “गोगुंडा का यह इलाका लंबे समय से नक्सलियों के नियंत्रण में था और सुरक्षा बलों से कटाव हुआ था लेकिन 74वीं बटालियन ने 20 नवंबर, 2025 को एक अग्रिम परिचालन अड्डा स्थापित किया। आज, बटालियन ने एक संयुक्त अभियान में माओवादी सीसी सदस्य रमन्ना के स्मारक को ध्वस्त कर दिया। इससे आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा।” यह घटना सीआरपीएफ द्वारा 20 नवंबर 2025 में गोगुंडा में एक अग्रिम परिचालन बेस स्थापित करने के बाद हुई है, जिससे इस क्षेत्र में नक्सलियों के लंबे आतंक का अंत हुआ है।
माओवादी नेता रामन्ना का स्मारक ध्वस्त
रामन्ना एक टॉप माओवादी नेता था जिसकी 2019 में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। वह 2010 में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों द्वारा सुरक्षाकर्मियों पर किए गए सबसे घातक हमले का मास्टरमाइंड था। इस हमले में 76 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। रामन्ना ने 2013 में हुए झीरामघाटी हमले की भी योजना बनाई थी जिसमें राज्य के शीर्ष कांग्रेस नेताओं सहित 28 लोग मारे गए थे।
विदेखो किये ने माओवादियों के नियंत्रण में लंबे समय तक रहे लोगों के पुनर्वास और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए सरकार और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “अब बिजली और पानी की आपूर्ति सुगम बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूल भवन और हेलीपैड भी लगभग तैयार हैं।”
अब केवल आठ जिले ही वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित
इससे पहले, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा था कि वामपंथी उग्रवादियों द्वारा की गई हिंसा में 2010 की तुलना में 88 प्रतिशत की कमी आई है। भाजपा सांसद रूपकुमारी चौधरी के एक सवाल का जवाब देते हुए नित्यानंद राय ने कहा कि 2025 में नागरिकों और सुरक्षा बलों की 100 मौतें दर्ज की गईं जबकि 2010 में यह संख्या 1005 थी। उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा बलों ने 2025 में 364 नक्सलियों को मार गिराया, 1022 को गिरफ्तार किया और 2337 को आत्मसमर्पण करने में सहायता प्रदान की।
केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, “वामपंथी उग्रवादियों द्वारा की गई हिंसा की घटनाएं 2010 में 1936 से घटकर 2025 में 234 रह गई हैं जो 88% की गिरावट है। इसके परिणामस्वरूप नागरिकों और सुरक्षा बलों की मौतें भी 2010 में 1005 से घटकर 2025 में 100 रह गई हैं जो 90% की गिरावट है। 2025 में, सुरक्षा बलों ने 364 नक्सलियों को मार गिराया, 1022 को गिरफ्तार किया और 2337 को आत्मसमर्पण करने में सहायता प्रदान की।”
नित्यानंद राय ने बताया कि अब केवल आठ जिले ही वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित हैं, जिनमें से छह छत्तीसगढ़ के हैं। मंत्री ने कहा, “वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 8 जिले हैं जिनमें छत्तीसगढ़ के 6 जिले, झारखंड का 1 जिला और ओडिशा का 1 जिला शामिल हैं।” यह सरकार के 31 मार्च, 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लक्ष्य के अनुरूप है।
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