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छत्तीसगढ़ उपचुनाव में सौदेबाजी, टेप कांड में चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी

छत्तीसगढ़ में पिछले साल हुए उपचुनाव के दौरान कांग्रेस के एक उम्मीदवार को चुनाव मैदान से हटने के बदले धन की पेशकश करने वाला टेप सामने आने के बाद बुधवार को चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को निर्देश दिया..
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह (फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ में पिछले साल हुए उपचुनाव के दौरान कांग्रेस के एक उम्मीदवार को चुनाव मैदान से हटने के बदले धन की पेशकश करने वाला टेप सामने आने के बाद बुधवार को चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे इस मामले में तत्काल उचित जांच कर सात जनवरी तक तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजें। आयोग ने कहा है कि कोई भी कार्रवाई करने से पहले वह राज्य सरकार की रिपोर्ट का इंतजार करेगा।

इस बीच कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह को बर्खास्त करने और इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से कराने की मांग की है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने अमित जोगी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही कांग्रेस ने अजित जोगी से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। पार्टी अजित जोगी के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य इकाई की रिपोर्ट का पार्टी इंतजार कर रही है। उधर, अमित जोगी ने बिलासपुर के सिविल लाइंस थाने में अखबार के खिलाफ शिकायत की है और दावा किया है कि टेप से छेड़छाड़ हुई है।

राजनीतिक सरगर्मी बढ़ते ही छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने अमित जोगी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात दिन के भीतर जवाब मांगा है। बघेल ने संवाददाताओं से कहा- रमन सिंह ने लोकतंत्र का अपमान किया है। उन्होंने अपनी शक्ति और काले धन का दुरुपयोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किया है। उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि राज्यपाल भारत के राष्ट्रपति से रमन सिंह सरकार को बर्खास्त करने की अनुशंसा करें। बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया जाए। बघेल ने कहा कि पवार द्वारा अंतिम क्षण में उम्मीदवारी वापस लेते ही कांग्रेस को ‘इसमें कुछ गड़बड़ी’ लगी और पार्टी ने चुनाव आयोग से भी शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि अब ऑडियो टेप से साबित हो गया है कि सत्तारूढ़ दल ने चुनाव जीतने के लिए किस तरह अपनी ताकत का दुरुपयोग किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी आलाकमान को पूरी रिपोर्ट भेजे जाने से पहले मामले पर अजित जोगी से विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिद्दिकी और मेमन से भी पूछताछ होगी। दिल्ली में कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार के पिछले साल सितंबर में अंटागढ़ उपचुनाव से हटने का कारण कथित तौर पर धन का लालच था। इस सिलसिले में चुनाव आयोग से शिकायत भी की गई थी। उन्होंने कहा कि टेप से स्पष्ट पता चलता है कि पार्टी के आरोप सही थे।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि तब कांग्रेस ने आरोप लगाए थे कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस उम्मीदवार को नामांकन वापस लेने के लिए धन की पेशकश की थी। अंटागढ़ विधानसभा उपचुनाव से उम्मीदवारी वापस लेने के तुरंत बाद कांग्रेस ने पवार को पार्टी से बाहर निकाल दिया था। बकौल सुरजेवाला टेप पहली नजर में आरोपों को साबित करते हैं। भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करने के अपने लंबे चौड़े वादों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तुरंत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को बर्खास्त करना चाहिए या इस्तीफा देने के लिए बाध्य करना चाहिए। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज से कराई जानी चाहिए। चूंकि कांग्रेस नेताओं के नाम भी टेप में सामने आए हैं, इसलिए उनके व्यवहार की भी जांच होनी चाहिए।

सुरजेवाला ने कहा कि अजित जोगी या अन्य कांग्रेसी नेताओं के व्यवहार सहित सभी की भूमिका की जांच की जाए। चूंकि मुख्यमंत्री राज्य में सर्वोच्च संवैधानिक पद पर काबिज होता है इसलिए उनसे भी कहा जाना चाहिए कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें। कांग्रेस यह भी आश्वस्त करती है कि जांच के बाद वह अपने नेताओं के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई करेगी। कांग्रेस की समिति जांच के निष्कर्ष के आधार पर कार्रवाई करेगी।

हरिप्रसाद ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अमित जोगी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे कहा है कि सात दिनों के अंदर जवाब दें। उन्होंने कहा कि जहां तक अजित जोगी की बात है तो वे कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य हैं और केवल कांग्रेस अध्यक्ष ही उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं। मामले में राज्य इकाई की रिपोर्ट देखने के बाद एके एंटनी की अध्यक्षता वाली कांग्रेस अनुशासन समिति अजित जोगी के खिलाफ कार्रवाई पर फैसला करेगी। यह पूछने पर कि मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगने से पहले पार्टी जोगी और उनके बेटे का इस्तीफा क्यों नहीं मांग रही है तो कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि रमन सिंह मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य में शासन कर रहे हैं।

यह पूछने पर कि टेप में पार्टी के कुछ नेताओं का नाम भी है तो क्या पार्टी की छवि को नुकसान हो रहा है तो हरिप्रसाद ने कहा-हां, यह स्तब्धकारी है। मुख्यमंत्री को तुरंत बर्खास्त करने की पार्टी की वकालत को उचित ठहराते हुए सुरजेवाला ने कहा कि मुख्य आरोप भाजपा के मुख्यमंत्री के खिलाफ कांग्रेस उम्मीदवार को किसी के सहयोग से खरीदने का है। यह भी आरोप है कि इसमें कांग्रेस के कुछ नेता भी संलिप्त हैं। निष्पक्ष जांच के लिए पहले मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। जांच में जोगी या अन्य कांग्रेसी नेताओं के व्यवहार की भी जांच होनी चाहिए। जांच के बाद जिन नेताओं का नाम आएगा कांग्रेस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।

इस बीच अमित जोगी ने बिलासपुर के सिविल लाइंस थाने में अखबार के खिलाफ शिकायत की है और दावा किया है कि टेप से छेड़छाड़ हुई है और न तो उनके पिता न ही उन्होंने ऐसा कोई फोन किया। अमित ने अपनी शिकायत में कहा कि अखबार ने ‘गलत’ खबर प्रकाशित की और फर्जी आॅडियो टेप के साथ इसे वेबसाइट पर लगाया। अमित जोगी ने कहा-‘मेरी आवाज और मेरे पिता की आवाज से टेप में छेड़छाड़ हुई है जो विशेषज्ञों की जांच के बाद साबित हो जाएगी।’ उन्होंने अखबार के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की।

दूसरी ओर आरोपों को ‘निराधार’ करार देते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि पवार के चुनाव से हटने में भाजपा की कोई भूमिका नहीं थी। अपने दामाद पुनीत गुप्ता का बचाव करते हुए उन्होंने कहा-‘मेरा दामाद सरकारी सेवक है और उन्हें राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। मेरे परिवार और भाजपा को इस मुद्दे में कांग्रेस घसीट रही है।’

टेप से छेड़छाड़ हुई टेप से छेड़छाड़ हुई है। न तो मैंने न मेरे पिता ने ऐसा कोई फोन किया। अखबार ने ‘गलत’ खबर छापी और फर्जी ऑडियो टेप के साथ इसे वेबसाइट पर लगाया। मेरी आवाज और मेरे पिता की आवाज से टेप में छेड़छाड़ हुई है जो विशेषज्ञों की जांच के बाद साबित हो जाएगी।
-अमित जोगी

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