सिद्धू ने कहा: चन्नी 2022 में कांग्रेस को डुबो देंगे

लखीमपुर मामले में नवजोत सिद्धू ने गुरुवार को चंडीगढ़ से लखीमपुर तक ‘मार्च’ का एलान किया था। गुरुवार को ही चरणजीत सिंह चन्नी के बेटे की शादी की रस्में थीं। मोहाली के एअरपोर्ट चौक पर सिद्धू और कई मंत्री व विधायक तो पहुंच गए लेकिन चन्नी को कुछ देर हो गई। जिसके बाद सिद्धू ने आपा खो दिया।

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पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के साथ नवजोत सिंह सिद्धू। (Photo- Indian Express)

पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन के बाद भी कांग्रेस का घमासान थम नहीं रहा है। इस्तीफा देने के एक सप्ताह बाद कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू गुरुवार को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर गए। इसका एक वीडियो भी चर्चा में है। हालांकि वीडियो को लेकर चन्नी व सिद्धू गुट ने चुप्पी साध रखी है।

लखीमपुर मामले में नवजोत सिद्धू ने गुरुवार को चंडीगढ़ से लखीमपुर तक ‘मार्च’ का एलान किया था। गुरुवार को ही चरणजीत सिंह चन्नी के बेटे की शादी की रस्में थीं। मोहाली के एअरपोर्ट चौक पर सिद्धू और कई मंत्री व विधायक तो पहुंच गए लेकिन चन्नी को कुछ देर हो गई। जिसके बाद सिद्धू ने आपा खो दिया।

सिद्धू इस पर अड़ गए कि मुख्यमंत्री नहीं आए तो कोई बात नहीं, ‘मार्च’ को शुरू कर दिया जाए। वीडियो में खेल मंत्री परगट सिंह कहते दिख रहे हैं कि सिर्फ दो मिनट की बात है। मुख्यमंत्री चन्नी पहुंचने वाले हैं। इसके बाद सिद्धू तैश में आकर कहते हैं कि इतनी देर से हम उनका इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद परगट माहौल को शांत करने के लिए कहते हैं कि आज भीड़ अच्छी जुटी है बल्ले-बल्ले हो गई है। इस मौके पर सिद्धू के पीछे खड़े कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सुखविंदर सिंह डैनी ने भी कार्यक्रम को कामयाब बताया।

लेकिन सिद्धू की सुई वहीं अटकी रही। उन्होंने कहा, ‘अभी सक्सेस कहां। भगवंत सिंह सिद्धू के बेटे नवजोत सिद्धू को सीएम बनाते तो फिर दिखाता सक्सेस किसे कहते हैं।’ इतना कहते ही सिद्धू पसीना पोंछते हुए मुख्यमंत्री चन्नी को लेकर बोलते हैं कि 2022 में तो ये कांग्रेस को डुबो देगा। सिद्धू के इस वीडियो के बारे में कांग्रेस के सभी गुटों ने चुप्पी साध रखी है, वहीं अकाली दल ने वीडियो को चर्चा में लाकर मुख्यमंत्री के प्रति सहानुभूति जताते हुए जवाब मांगा है।

गौरतलब है कि चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद डीजीपी और महाधिवक्ता की नियुक्तियों से नाराज नवजोत सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। आलाकमान ने सिद्धू का दांव उन्हीं पर चलते हुए न तो उन्हें मनाया और न ही इस्तीफे के संबंध में स्थिति स्पष्ट की। यहां तक कि पंजाब के पर्यवेक्षक सिद्धू से मुलाकात किए बगैर ही चले गए।

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