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Chandrayaan 2: NDTV पत्रकार ने ऐसे लहजे में की ISRO साइंटिस्ट से बात, मांगनी पड़ी माफी, कांग्रेस प्रवक्ता बोले- बर्खास्त करो

Chandrayaan 2: प्रेस कॉन्फ्रेंस में के. सिवान मौजूद नहीं थे। इसरो चीफ की गैर-मौजूदगी पर एनडीटीवी के पत्रकार ने सवाल उठाए।

Author नई दिल्ली | Updated: September 7, 2019 5:30 PM
2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर जमीनी स्टेशन से लैंडर का संपर्क टूटा। फोटो: इंडियन एक्सप्रेस/Video Grab Image/जनसत्ता

Chandrayaan 2: चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया। यह संपर्क सॉफ्ट लैंडिंग से 2.1 किलोमीटर पहले टूटा। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब लैंडर से संपर्क नहीं हो सका तो इसरो चीफ के. सिवान ने लैंडर से संपर्क टूटने की आधिकारिक घोषणा की। इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई जहां देशभर से आए पत्रकारों ने मिशन को लेकर कई सवाल पूछे। हालांकि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में के. सिवान मौजूद नहीं थे। इसरो चीफ की गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए एनडीटीवी के पत्रकार पल्लव बागला मीडिया के सवालों के जवाब दे रहे साइंटिस्ट डी पी कार्निक पर चिल्लाते नजर आए।

उन्होंने ऊंची आवाज में कहा ‘क्या ऐसे हालातों में इसरो चीफ को यहां मौजूद नहीं रहना चाहिए था? वह और ऊंची में आवाज में कहते हैं ‘क्यों एक ‘जूनियर’ साइंटिस्ट मिशन की असफलता की जानकारी दे रहे हैं? एनडीटीवी के पत्रकार की बातों को सुनकर साइंटिस्ट स्टेज पर शांत खड़े रहे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद पत्रकार ने माफी मांगी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ‘मैं डी पी कार्निक से मेरे व्यवहार के लिए माफी मांगता हूं। मैंने बीती रात ऊंची आवाज में उनसे सवाल किए। मैं निजी तौर पर उनसे माफी मांगता हूं। मेरा इसरो के प्रति अपार सम्मान है। सभी से माफी मेरा व्यवहार का मेरे संगठन से कोई संबंध नहीं है। फिर से कभी ऐसा नहीं होगा। मुझे माफ कर देना।’

वहीं पत्रकार के व्यवहार पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने ट्वीट में कहा ‘अमानवीय व्यहवार के लिए पत्रकार पल्लव बागला को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए। इस पूर मामले में जिस तर साइंटिस्ट ने अपने चेहरे पर मुस्कान रखी और सकारात्मक रहें यह सराहनीय है जिसने पूरे देश का दिल जीता है। इस वजह से ही इसरो बेहद खास है।’

गौरतलब है कि लैंडर को रात लगभग एक बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चांद पर नीचे की तरफ आते समय 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर जमीनी स्टेशन से इसका संपर्क टूट गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसरो दफ्तर में मौजूद रहे।

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