Chandra Grahan 2026: चंद्रमा मंगलवार शाम को सीधे पृथ्वी की छाया से गुजरेगा, जिससे पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। सबसे अच्छी बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया और अतेरोआ (न्यूजीलैंड) इस नजारे को देखने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान पर हैं। इस बार ग्रहण एक सुविधाजनक समय पर लगेगा। ऐसे में अलार्म लगाने और बेतुके समय पर बिस्तर से उठने की कोई जरूरत नहीं।

अशुभ संकेत माना जाता रहा है

शाम को चमकीले और पूर्ण चंद्रमा पर एक गहरी छाया पड़नी शुरू हो जाएगी। एक बार जब चंद्रमा पूरी तरह से छाया में डूब जाएगा, तो वह लाल रंग की चमक लेने लगेगा। खगोलविद इसे पूर्णता कहते हैं। लेकिन आकाश में विशाल लाल चंद्रमा के भयावह रूप को देखते हुए, यह आश्चर्य की बात नहीं है कि इतिहास और विभिन्न संस्कृतियों में इसे अशुभ संकेत माना जाता रहा है।

आज की दुनिया में, ‘रक्त चंद्रमा (ब्लड मून)’ नाम ने जनपरिकल्पना में तुरंत जगह बना ली है। चंद्र ग्रहण देखना हमें याद दिलाता है कि हम एक आकर्षक ब्रह्मांड का हिस्सा हैं। इसके लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती और आमतौर पर आकाश में चंद्रमा को ढूंढना मुश्किल नहीं होता। मंगलवार को लगने वाला चंद्र ग्रहण 2029 तक रक्त चंद्रमा को देखने का आखिरी मौका होगा, जब उस साल एक जनवरी की सुबह नए साल के आगमन के साथ पूर्ण चंद्रग्रहण दिखेगा।

चंद्र ग्रहण कब देख सकते हैं:

चंद्र ग्रहण एक धीमी गति से होने वाली घटना है जिसे घटित होने में कुछ घंटे लगते हैं। इस बार चंद्रमा को पृथ्वी की छाया में प्रवेश करने में 75 मिनट लगेंगे – जिसे आंशिक ग्रहण कहा जाता है। इसके बाद एक घंटे का पूर्ण ग्रहण होगा, जब चंद्रमा लाल हो जाएगा। और फिर अगले 75 मिनट में चंद्रमा छाया से बाहर निकलकर अपनी पूरी चमक पर लौट आएगा।

शिलांग में लगभग 90 मिनट तक चंद्रग्रहण दिखने की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, शिलांग में चंद्रोदय शाम 5.23 बजे होने की उम्मीद है। हालांकि, पूर्ण चंद्रग्रहण शाम 6.48 बजे समाप्त होगा, जिससे दर्शकों को चंद्रमा के उदय होने से लगभग एक घंटे 25 मिनट तक इसे देखने का अवसर मिलेगा। आईएमडी के अधिकारियों ने बताया कि मेघालय के अधिकतर हिस्सों में मौसम की स्थिति अवलोकन के लिए अनुकूल रहने की संभावना है।

मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘वर्तमान पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार शाम शिलांग और आसपास के इलाकों में आसमान आमतौर पर साफ रहेगा या आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इससे लोगों को मौसम संबंधी बड़ी बाधाओं के बिना ग्रहण देखने में आसानी होगी।

ऑस्ट्रेलिया में कब दिखेगा चंद्र ग्रहण?

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश हिस्सों में ग्रहण की शुरुआत चंद्रमा के क्षितिज के नीचे होने से होगी। जैसे-जैसे चंद्रमा ऊपर उठेगा, वह आंशिक रूप से छाया में आता जाएगा, जिससे उसे देखना मुश्किल हो जाएगा। चंद्रमा पूर्व में ऊपर चढ़ने के साथ-साथ और गोधूलि बेला रात में बदलने के साथ-साथ आसानी से दिखाई देने लगेगा।

ऑस्ट्रेलिया के बाकी हिस्सों में ग्रहण शाम को देर से शुरू होगा, जब चंद्रमा पूर्वी आकाश में होगा। न्यूजीलैंड में ग्रहण काफी देर से, स्थानीय समयानुसार रात 10 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगा। इससे ग्रहण का सबसे अच्छा नजारा देखने को मिलेगा, क्योंकि आकाश में पूरी तरह से अंधेरा होगा और चंद्रमा उत्तर दिशा में काफी ऊपर होगा।

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आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है, जो भारत में भी दिखाई देगा। इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा। खगोलीय से लेकर ज्योतिषीय दृष्टि में इस चंद्र ग्रहण का काफी अधिक महत्व है। खगोल विज्ञान के अनुसार, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण की घटना घटित होती है। पूरी खबर पढ़ें…