श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ दिया है। अयोध्या में स्थित राम मंदिर में चढ़ावा विवाद के मामले में यह एक अहम घटनाक्रम है।
चंपत राय के करीबी एक सूत्र ने बताया, “जब ऐसे आरोप लग रहे हों तो पद से दूर रहना ही ठीक है। ऐसा निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। इस मामले में अब एफआईआर दर्ज हो चुकी है।”
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कृष्ण मोहन की शिकायत पर गुरुवार शाम को राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।
चढ़ावा चोरी का मामला तूल पकड़ने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
यह बात सामने आई थी कि एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में बेहद सख्त सिफारिश की थी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि इस मामले में जिन लोगों के पास कोई भी सबूत हों, उन्हें एसआईटी को सौंप दें और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
बीजेपी नेता ने पीएमओ से की थी शिकायत
बीजेपी नेता रजनीश सिंह ने 12 जून को पीएमओ को भेजी गयी शिकायत में मांग की थी कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि जब से यह ट्रस्ट बना है, तब से अब तक के अपने सभी वित्तीय और संपत्ति संबंधी विवरण सार्वजनिक करे।
रजनीश सिंह ने शिकायत में कहा था कि भारत और दूसरे देशों में करोड़ों भक्तों ने राम मंदिर के निर्माण में योगदान दिया है इसलिए उन्हें यह जानने का नैतिक और लोकतांत्रिक अधिकार है कि दान और चढ़ावे का इस्तेमाल किस तरह से किया गया है लेकिन चंपत राय ने एसआईटी की जांच का हवाला देते हुए ट्रस्ट की आमदनी, खर्च, दान और बैंक खातों समेत संबंधित जानकारी देने से इनकार कर दिया था।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी गठित की थी। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया था।
दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे- योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक जनसभा में कहा कि एसआईटी रिपोर्ट के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है और हम दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे। योगी ने कहा कि जो कोई भी सनातन धर्म की आस्था के साथ छेड़छाड़ करेगा, उसे नतीजे भुगतने होंगे।
इंडियन एक्सप्रेस ने हाल ही में खबर छापी थी कि 2020 की एक ऑडिट रिपोर्ट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गैर-पेशेवर कामकाज पर सवाल उठाए गए थे। ट्रस्ट की स्थापना के कुछ महीने बाद ही ऑडिट किया गया था और इसमें कुछ अहम सिफारिशें की गई थीं लेकिन इन्हें छह साल बाद भी लागू नहीं किया गया।
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अयोध्या में स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में चंंदे से जुड़े कथित गबन के मामले में जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले से सब संत बहुत आहत हैं, बहुत दुखी हैं, बहुत परेशान हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
