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पश्चिम बंगालः अलापन को फिर से नोटिस, पीएम की बैठक में शामिल न होने पर जुर्माने की चेतावनी

मुख्य सचिव को बड़ी दंडात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी गई है जिसके तहत केंद्र सरकार पेंशन या ग्रैच्यूटी अथवा दोनों पूरी तरह से या उसका कुछ हिस्सा रोक सकती है।

पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी, दूसरी तरफ PM नरेंद्र मोदी (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

केंद्र की मोदी सरकार ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय के खिलाफ बड़ी दंडात्मक कार्यवाही शुरू की है। पीएम की बैठक में शामिल न होने के लिए उन्हें फिर से एक नोटिस भेजा गया है। ममता के सलाहकार से कहा गया है कि वो 30 दिन के भीतर अपना जवाब दें, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों ने बताया कि अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सलाहकार की भूमिका निभा रहे बंदोपाध्याय से कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (डीओपीटी) द्वारा आरोपों का उल्लेख करते हुए भेजे गए नोटिस का 30 दिनों के अंदर जवाब भेजने को कहा गया है। इसमें पूर्व मुख्य सचिव को बड़ी दंडात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी गई है जिसके तहत केंद्र सरकार पेंशन या ग्रैच्यूटी अथवा दोनों पूरी तरह से या उसका कुछ हिस्सा रोक सकती है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल काडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी बंदोपाध्याय 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद 31 मई को रिटायर होने वाले थे। हालांकि, केंद्र से मंजूरी के बाद उन्हें तीन महीने का सेवा विस्तार दिया गया था। सेवा विस्तार दिए जाने के सिर्फ चार दिन बाद ही केंद्र सरकार ने उनकी सेवाएं मांगी।

दरअसल केंद्र इस बात से नाराज था कि पीएम मोदी की मीटिंग में तत्कालीन मुख्य सचिव क्यों शामिल नहीं हुए थे। ममता सरकार से कहा गया कि अपने मुख्‍य सचिव को तुरंत कार्यमुक्त करे। तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इस कदम को जबरन प्रतिनियुक्ति करार दिया। हालांकि, मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय ने रिटायरमेंट ले लिया है, और उसके बाद ममता बनर्जी ने उन्हें अपना विशेष सलाहकार नियुक्त कर लिया।

बंगाल हिंसा की जांच के लिए समिति का गठन

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कोलकाता HC के आदेश के बाद पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद की हिंसा की जांच के लिए एक समिति गठित की है। आयोग ने सोमवार को कहा कि अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरूण मिश्रा ने एक समिति का गठन किया है जो पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की शिकायतों पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेशों के मुताबिक जांच करेगी। समिति के अध्यक्ष मानवाधिकार आयोग के सदस्य राजीव जैन होंगे। अधिकारियों ने बताया कि यह उन मामलों की जांच करेगी जो एनएचआरसी के समक्ष आई है या जिस बारे में आयोग से शिकायत की जाएगी।

समिति के सदस्यों में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष आतिफ रशीद, राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य राजूलबेन एल. देसाई, एनएचआरसी के महानिदेशक (जांच) संतोष मेहरा, पश्चिम बंगाल राज्य मानवाधिकार आयोग के रजिस्ट्रार प्रदीप कुमार पंजा, पश्चिम बंगाल राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के सदस्य सचिव राजू मुखर्जी और एनएचआरसी के डीआईजी (जांच) मंजिल सैनी शामिल होंगे।

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