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रामनवमी हिंसा: केंद्र ने ममता बनर्जी सरकार से मांगी रिपोर्ट, पैरामिलिट्री फोर्स भेजने की पेशकश

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार से बीते दो दिनों में रामनवमी जुलूस के दौरान हुई आगजनी व हिंसा की घटनाओं पर रिपोर्ट मांगी है।

Author नई दिल्ली | March 28, 2018 1:56 PM
दिल्ली में ममता बनर्जी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार से बीते दो दिनों में रामनवमी जुलूस के दौरान हुई आगजनी व हिंसा की घटनाओं पर रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार ने राज्य के कुछ जिलों में हिंसा व तनाव के जारी रहने की खबरों के मद्देनजर अर्धसैनिक बलों की सहायता की पेशकश भी की है। आसनसोल से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बाबुल सुप्रियो ने मंगलवार को ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करके सामुदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया और रानीगंज की स्थिति की जानकारी देने के लिए राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात की।

रानीगंज में सोमवार को रामनवमी जुलूस के दौरान दो समूहों के बीच हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पुलिस उपायुक्त को एक हाथ गंवाना पड़ा।
रामनवमी जुलूस के दौरान कई घरों व दुकानों में तोड़फोड़ व आगजनी की गई जिससे तनाव फैल गया। पुलिस ने इस मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। किसी भी अवांछित घटना को रोकने के लिए सोमवार शाम से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

वहीं  मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य प्रशासन ने कुछ संगठनों को, जो रामनवमी एक दशक से ज्यादा समय से आयोजित करते हैं, पारंपरिक हथियारों के साथ जुलूस निकालने की अनुमति दी थी। लेकिन, जो धार्मिक रैलियों के नाम पर गुंडागर्दी कर रहे हैं, उन पर शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा, “मैंने शांतिपूर्ण रैलियों की इजाजत दी थी। न कि किसी एक को राम के नाम पर बंदूक व तलवार की तथा दूसरे समुदाय के इलाके में दाखिल होकर वहां हत्या करने की।”

उन्होंने कहा, “कुछ असमाजिक तत्वों ने सड़कों पर निकलकर तलवार व बंदूकों के साथ समस्या पैदा की। यह बंगाल में नहीं हो सकता। बंगाल की एक अलग संस्कृति रही है। हम सभी तरह के त्योहार मनाते हैं और इसमें दुर्गा पूजा से लेकर रमजान व क्रिसमस शामिल है, लेकिन हमेशा शांति व सौहार्द बनाए रखा जाता है।”

बंगाल सरकार के सार्वजनिक तौर पर हथियार ले जाने की रोक का उल्लंघन करते हुए रामनवमी पर कई हथियारबंद रैलियां संघ से जुड़े संगठनों ने राज्य के विभिन्न भागों में निकालीं थीं। इनमें बीरभूम, पश्चिम मिदनापुर, हावड़ा व कोलकाता के कुछ स्थान शामिल है। इन जगहों पर पुरुष, महिलाओं व बच्चों तक ने भगवा झंडे लहराते हुए धारदार हथियारों जैसे तलवार, चाकूओं के साथ रैली निकाली। पुरुलिया जिले में रामनवमी के जुलूस के दौरान दो समूहों में हुई झड़प के बाद एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई व पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। यहां हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता तलवारों के साथ जश्न मनाने के लिए निकले थे।

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